सपा से निकाले गए अमर सिंह-जया प्रदा, अमर बोले, 'राजनीतिक निर्वाण मिला'
February 2, 2010, 1:55 AM
हिंदी ख़बर संवाददाता
Post Your Review
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अंदर उठा बवंडर आखिरकार अपने पूरे उफान पर पहुंच गया और अमर सिंह समेत उनके सभी करीबियों को उड़ा ले गया। कई दिनों की ना-ना, हां-हां के बाद आज अमर सिंह के ज़हर बुझे तीरों से ज़ख्मी मुलायम सिंह यादव ने उन्हें पार्टी से बाहर निकालने का फैसला कर ही लिया। समाजवादी पार्टी ने रामपुर से लोकसभा की सांसद और अमर सिंह की बेहद करीबी जया प्रदा की भी छुट्टी कर दी है। इसके अलावा अमर सिंह के समर्थक 4 विधायकों संदीप अग्रवाल, अशोक सिंह चंदेल, सर्वेश कुमार सिंह और मदन चव्हाण को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। मुन्नाभाई संजय दत्त को भी चलता कर दिया गया है।
अमर सिंह फिलहाल राज्यसभा और जयाप्रदा लोकसभा की सांसद हैं। ये दोनों ही लोग समाजवादी पार्टी के टिकट पर ही संसद पहुंचे हैं। इन दोनों को संसद से भी विदा किया जाए, इसके लिए सपा नेता एक याचिका दायर करने की बात कर रहे हैं।
अमर सिंह की जगह पार्टी के महासचिव एवं प्रवक्ता बनाए गए मोहन सिंह ने कहा कि पार्टी के समानांतर एक और पार्टी चलाये जाने के इस मामले को हाई कमान ने बेहद गंभीरता से लिया है और इन्ही संगीन आरोपों की वजह से अमर सिंह को सपा से निकाला जा रहा है। इसके साथ ही पार्टी के खिलाफ ज़हर उगलने के कारण जया प्रदा को भी दरवाज़ा दिखा दिया गया है।
मोहन सिंह ने कहा, “समाजवादी पार्टी जाति-धर्म से ऊपर उठकर आम लोगों के हितों के लिए काम करती है लेकिन कुछ दिनों से अमर सिंह लगातार जातिवाद को बढ़ावा दे रहे थे। पार्टी के शीर्षस्थ नेताओं के ऊपर अनर्गल आरोप लगा रहे थे, जिसे पार्टी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं कर सकती। समाजवादी पार्टी में कुछ दिनों के लिए पूंजीवादी लोग आ गए थे, जिन्होने पार्टी का बेड़ागर्क कर दिया था। इन ‘गैर-ज़रूरी’ लोगों को अब पार्टी से बाहर निकाल दिया गया है।”
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले अमर सिंह ने अपनी खराब सेहत का हवाला देते हुए पार्टी के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। अमर सिंह ने दुबई से फैक्स के ज़रिए इस्तीफा मुलायम सिंह को भेजा था। तब शायद अमर सिंह को ये उम्मीद नहीं रही होगी कि मुलायम सिंह उनका इस्तीफा स्वीकार कर लेंगे। उन्होंने तो ये सोचा होगा कि पार्टी उन्हें मनाने की कोशिश करेगी और ऐसा हुआ भी। मुलायम सिंह और अखिलेश यादव दोनों ने अमर सिंह की मान-मनौव्वल में कोई कसर बाकी नहीं रख छोड़ी। अंदरखाने खबर ये भी आई कि अमर सिंह के धुर विरोधी और मुलायम सिंह के छोटे भाई रामगोपाल यादव को भी मुलायम के दबाव में अमर सिंह को फोन करना पड़ा था। अमर सिंह ने इस फोन कॉल के बारे में मीडिया में बयानबाज़ी कर दी और कहा कि रामगोपाल ने मुझसे माफी मांगी है। बस फिर क्या था... राम गोपाल फट पड़े। अमर सिंह को शाब्दिक तौर पर लतिया के रख दिया। उसी दिन तय हो गया था कि अमर सिंह के लिए सपा में कुछ बाकी नहीं बचा है। उन्हे जाना पड़ेगा।
दरअसल, अमर सिंह के अड़ियलपन ने उनकी बैंड बजा दी। उनके सभी दांव उल्टे पड़ गये। उन्होने मुलायम के परिवार के किसी सदस्य की आपत्तिजनक सीडी होने का दावा भी किया लेकिन ये पैंतरा भी फुस्स हो गया और अमर सिंह को मन-मसोस के रह जाना पड़ा। उसके बाद से ही अमर सिंह प्रदेश भर में जगह-जगह जातिवादी रैलियों में शिरकत करके सपा के खिलाफ बयानबाज़ी कर रहे थे।
पार्टी से निकाले जाने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए अमर सिंह ने अपने निष्काषन को 'राजनीतिक निर्वाण' करार दिया। अमर ने पार्टी से निकालने के लिए मुलायम पर कटाक्ष करते हुए उनका शुक्रिया अदा किया। अमर ने ये भी कहा कि सपा ने जया बच्चन को इसलिए पार्टी से नहीं निकाला क्योंकि वो एक बड़ा नाम हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई करने की हैसियत ही पार्टी के किसी नेता में नहीं है। लेकिन किसी को ये नहीं समझना चाहिए कि जया हमारे साथ नहीं हैं।
उधर सपा के टिकट पर गोरखपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके भोजपुरी अभिनेता-गायक मनोज तिवारी ने कहा है कि अमर सिंह को निकाले जाने के बाद मुझे भी सपा से कोई रिश्ता नहीं रखना है। मैं अपना इस्तीफा सपा नेताओं को भेज दूंगा। |