'मुलायम सिंह ने मुझे कूड़ादान समझा, काम खत्म होने पर फेंक दिया'
February 4, 2010, 12:20 PM
हिंदी ख़बर संवाददाता
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नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी से निकाले गए अमर सिंह ने आरोप लगाया है कि मुलायम सिंह समेत कई आला सपा नेताओं ने उन्हें कूड़ेदान की तरह इस्तेमाल किया। पार्टी ने बड़े नेताओं के गलत फैसलों का दोष भी उनके सिर मढ़ दिया गया। इनमें पूर्व बीजेपी नेता कल्याण सिंह से हाथ मिलाने का निर्णय भी शामिल है। अमर सिंह ने आज दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘मुलायम सिंह कोई दूध पीते बच्चे नहीं हैं, जो पिछले 14 साल से मेरा दिया हुआ दूध पी रहे थे। अगर ऐसा वाकई होता तो आज मैं सपा में होता और मेरे विरोधी (रामगोपाल यादव और मोहन सिंह) बाहर हो गए होते। मेरे ऊपर आरोप लगाने वाले सरासर गलतबयानी कर रहे हैं।’
अमर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी में मेरा सफर कूड़ेदान की तरह रहा और मुझे कूड़ा कहा भी गया। जबकि ज्यादातर फैसले पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और उनके भाई रामगोपाल यादव ने लिए थे। अब उन फैसलों के लिए मुझे दोष दिया जा रहा है। मैं एक क्षत्रिय हूं। अगर उनके गलत फैसलों की जिम्मेदारी लेने के लिए मुझे कहा गया होता तो मैं ले लेता, लेकिन जो भी गलत हुआ उसका दोष मेरे माथे मढ़ने की साजिश रची जा रही है। जब तक मैं पार्टी में था तब तक मुलायम ने मेरा बखूबी इस्तेमाल किया।’
अमर सिंह ने दावा किया कि पिछले साल आगरा में पार्टी के सम्मेलन में जब मुलायम सिंह और कल्याण सिंह एक साथ मंच पर आए थे, उस समय वे सिंगापुर के एक अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह से हाथ मिलाने के फैसले से पार्टी के मुस्लिम कार्यकर्ताओं को धक्का लगा था लेकिन उनसे ज़बरदस्ती कल्याण सिंह जिंदाबाद जैसे नारे लगवाए गए और ये सब कुछ मुलायम सिंह की मौजूदगी में होता रहा। अमर सिंह ने लगे हाथों मुलायम सिंह और अपने विरोधी नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे और जयाप्रदा को सदन से भी बाहर करने में जुट गई है सपा। उन्होने कहा कि समाजवादी पार्टी अब मुझे राज्यसभा से और जयाप्रदा को लोकसभा से बाहर करने के लिए कानूनी रास्ते तलाश रही है।
अमर सिंह की जगह सपा के प्रवक्ता बनाए गए मोहन सिंह ने कहा कि इन दोनों को संसद से बाहर करने के लिए सभी विकल्पों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके लिए पार्टी साल 2008 में तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी द्वारा बीएसपी के तीन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने के फैसले का हवाला दे सकती है। पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण तत्कालीन बीएसपी सांसद बालचंद यादव, रमाकांत यादव और मोहम्मद शाहिद अख़लाक की सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। सपा का मानना है कि अमर सिंह और जयाप्रदा को भी इसी तरीके से ही संसद से बाहर किया जाना चाहिए। |