'पवार हैं रावण और मायावती सूपर्णखा, मेरी गर्दन कटेगी लेकिन झुकेगी नहीं'
February 7, 2010, 1:54 PM
हिंदी ख़बर संवाददाता
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बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बीजेपी के नए-नवेले फायर ब्रांड नेता वरूण गांधी ने बद्तमीज़ी की सारी हदें पार करते हुए मायावती को सूपर्णखा और शरद पवार को रावण कह डाला। वरुण गांधी ने बेहद तीखे तेवर अख्तियार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में सुर्पणखा और केंद्र में रावण बैठा है, भाई-बहन की इस जोड़ी ने महंगाई बढ़ा रखी है। रावण पूरे देश में महंगाई बढ़ाता है तो बहन सूर्पणखा उत्तर प्रदेश के लोगों को चैन से जीने नहीं दे रही। वरूण गांधी ने कहा कि रावण और सूर्पणखा की ये जोड़ी चाहेगी तो ही महंगाई रुक सकती है।
बुलंदशहर जिले की शिकारपुर तहसील में एक जनसभा को संबोधित करते हुए वरुण गांधी ने बीएसपी सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की खिल्ली उड़ाते हुए, मज़ाकिया अंदाज में कहा कि पुलिस का बंदोबस्त देखकर तो लग रहा है कि मुझे दोबारा गिरफ्तार करने की तैयारी है। महंगाई के लिए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए बीजेपी के युवा सांसद वरुण गांधी जमकर बरसे।
लगे हाथों वरुण गांधी ने अपनी पार्टी बीजेपी के नीति-निर्धारकों को भी नसीहत दे डाली। वरुण गांधी ने बीजेपी के उद्देश्यों की बात करते हुए कहा कि महंगाई एक मुद्दा जरूर है लेकिन बीजेपी को अपने मूल सिद्धांतों और उद्देश्यों को नही भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौमाता की रक्षा करना, गंगा मैया को स्वच्छ रखना और मंदिरों की देखभाल करना ही बीजेपी का मूल-कर्तव्य होना चाहिए। एक बार फिर तीखी भाषा का प्रयोग करते हुए वरुण ने कहा कि भले ही गर्दन कट जाए मगर मैं अपने लोगों की गर्दन नहीं झुकने दूंगा।
माना जा रहा है कि वरुण गांधी ने जिस तरह इशारों ही इशारों में मायावती को सूर्पणखा कहकर संबोधित किया और केंद्रीय कृषि मंत्री के खिलाफ अपशब्द बोले, उससे मायावती की त्यौरियां चढ गई हैं। दलित वर्ग से आने वाली मायावती को अपशब्द कहने के आरोप में एक बार फिर से वरूण गांधी की गिरफ्तारी हो सकती है। इससे पहले भी लोकसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने पर मायावती ने वरूण गांधी पर रासुका की तामीली करवा दी थी और उन्हे जेल में ठूंस दिया था। उस वक्त वरूण गांधी ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था और रातों-रात बीजेपी के हिंदुत्व-पुरूष की भूमिका में आ गए थे। अपनी ज़हरीले भाषण का उन्हे अपने चुनाव में भी ज़बरदस्त फायदा हुआ था और वो रिकॉर्ड मतों से जीत कर लोकसभा पहुंचे थे। उन पर लगे रासुका को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी जहां से उन्हे राहत मिल गई थी। |