पेट्रोल-डीज़ल और कारों के दाम बढ़े, आम-आदमी की कमर तोड़ेगी महंगाई
February 27, 2010, 6:04 AM
हिंदी ख़बर संवाददाता
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नई दिल्ली। ईंधन कीमतों से प्रशासनिक मूल्य प्रणाली को खत्म करने के लिए गठित पारिख समिति की रिपोर्ट को सरकार ने ठंडे बस्ते में डालते हुए आज बजट में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद तथा सीमा शुल्क बढ़ाए जाने की घोषणा कर दी। मध्यरात्रि से पेट्रोल की कीमतें 2.67 रुपये और डीज़ल की दाम 2.58 रुपये बढ़ गए हैं।
वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने वर्ष 2010-11 के बजटीय भाषण में कहा कि सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने के बाद तेल कंपनियों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल को मूल सीमा शुल्क से मुक्त रखा था। उन्होंने कहा कि अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में कमी आने के बाद सरकार ने इस राहत को वापस लेने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि मैं कच्चे तेल पर 5 प्रतिशत, डीजल और पेट्रोल पर 7.5 प्रतिशत तथा अन्य रिफाइन्ड उत्पादों पर 10 प्रतिशत के मूल शुल्क को बहाल करने की घोषणा करता हूं। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल पर केन्द्रीय उत्पाद शुल्क भी एक-एक रुपये प्रति लीटर बढ़ाया जा रहा है।
उत्पाद और सीमा शुल्क में बढ़ोतरी के परिणामस्वरूप मध्य रात्रि से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 44.72 रुपए से बढ़कर 47.39 रुपए और डीजल की कीमत 32.92 रुपए से बढ़कर 35.50 रुपए हो गई है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोल, डीजल की कीमतों के बारे में गठित किरिट पारिख समिति की रिपोर्ट ठंडे बस्ते में चली गई है।
इसके अलावा जब लोकसभा में वित्त मंत्री अपना बजट भाषण पेश कर रहे थे तभी खबर ये भी आई थी कि कार बनाने वाली कंपनियों मारूति मोटर्स और हुन्डई मोटर्स ने अपनी सभी कारों के मॉडलों की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर दी है। ये बढ़ोत्तरी कितने रूपए की हुई है, इसका खुलासा अभी कंपनी ने नहीं किया है। |