हैदराबाद एयर-शो हादसे की वजह इंजन में ख़राबी, जांच में खुलासा
March 3, 2010, 11:47 PM
हिंदी ख़बर
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हैदराबाद। शहर के करीब स्थित बेगमपेट हवाई अड्डे पर नौसेना की हवाई करतब टीम सागर पवन के किरण-2 विमान की दुर्घटना की शुरुआती वजह इंजन में गड़बड़ी मानी जा रही है। उड्डयन विशेषज्ञों के मुताबिक, जिस तरह से विमान अचानक नियंत्रण से बाहर हुआ, उससे शक की सूई इंजन की खराबी पर ही जा रही है।
हालांकि हादसे की जांच के लिए नौसेना मुख्यालय ने बोर्ड आफ इनक्वायरी का गठन कर दिया है लेकिन उड्डयन विशेषज्ञों की मानें तो दुर्घटना के लिए दो अन्य संभावित वजहों की गुंजाइश काफी कम है। चूंकि विमान उड़ा रहे दोनों पायलट कमांडर सुरेश मौर्य तथा ले.कमांडर राहुल नायर काफी अनुभवी व बेहतरीन श्रेणी के थे, लिहाजा उनसे मानवीय भूल की संभावना नगण्य है।
यही नहीं, हादसे के समय ये विमान अपना अंतिम करतब बोम्बर्स दिखा रहे थे, जिसमें दुर्घटनाग्रस्त विमान आगे उड़ रहे तीनों विमान की पूंछ से काफी दूर व अलग ऊंचाई पर थे। ऐसे में गलत आकलन के चलते उसके अगले विमानों की टेल स्पिन (विमान के पीछे बनने वाले नकारात्मक हवाई दबाव) में आने की गुंजाइश भी नहीं है। इन्हीं तथ्यों के चलते हादसे की वजह विमान के इंजन में गड़बड़ी के कारण अचानक पावर फेल होना मानी जा रही है। इसी वजह से दोनों पायलट न तो सुरक्षित निकल सके और न ही उन्हें विमान को आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने का पर्याप्त समय मिला।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, HAL द्वारा निर्मित एक इंजन वाले किरण मार्क-2 विमान ने पहली उड़ान 30 जुलाई 1976 को भरी थी। वायुसेना को कंपनी ने 1985 में ऐसे कुल 61 विमानों की आपूर्ति युद्धक पायलटों को दूसरे चरण के प्रशिक्षण के लिए की थी। बाद में वायुसेना की सूर्यकिरण व नौसेना की सागर पवन टीमों ने इनका प्रयोग करतब दिखाने के लिए शुरू कर दिया। करीब ढाई दशक पुराने इन विमानों के रखरखाव पर पिछले कुछ अरसे में सूर्यकिरण टीम के हादसों के चलते भी बहस हो चुकी है। नौसेना की इस टीम ने 11 मई 2003 को पहली बार अपने करतब दिखाए। नौसेना की सागर पवन टीम विश्व में अमेरिकी नौसेना की ब्लू एंजेल्स के बाद हवाई करतब दिखाने वाली दूसरी नौसैनिक टीम है। टीम ने दो सप्ताह पूर्व 19 फरवरी को गोवा में मिग-29 विमानों के भारतीय वायुसेना में शामिल किए जाने वाले समारोह में भी करतब दिखाए थे।
हवाई करतब सुरक्षित नहीं-पिछले पांच दिनों में हुई इस दूसरी दुर्घटना ने हवाई करतबों के दौरान सुरक्षा के पहलू पर सवालिया निशान लगा दिया है। इससे पहले 27 फरवरी को जैसलमेर में वायु सेना के वायु शक्ति प्रदर्शन के लिए रिहर्सल कर रहे हल्के प्रोन्नत हेलिकॉप्टर ध्रुव (सारंग टीम) की उड़ान के बीच में ही पावर फेल हो जाने के कारण क्रैश लैंडिंग कराई गई थी। यही नहीं, किरण मार्क-2 विमानों पर हवाई करतब दिखाने वाली वायु सेना की सूर्यकिरण टीम 21 जनवरी 2009 व 18 मार्च 2006 को दो हादसों में दो विमान ही नहीं, बल्कि तीन जांबाज पायलट भी गंवा चुकी है। बुधवार को सागर पवन दुर्घटना में भी विमान उड़ा रहे दोनों पायलटों को जान से हाथ धोना पड़ा। |