भ्रष्टाचार की जड़ है 'पेड न्यूज़', इसे तुरंत बंद कीजिए- अरूण जेटली
March 6, 2010, 4:33 AM
हिंदी ख़बर
Post Your Review
नई दिल्ली। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने कहा कि भारतीय चुनावों में धन के उपयोग की बुराई में विगत कुछ वर्षों में भारी वृद्घि हुई है। चुनावों में अत्यधिक व्यय से सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार पनपता है। प्रतिफल के बदले राजनीतिक पक्षपात किया जाता है। इस तरह के लेन-देन में खासी वृद्घि हुई है।
राज्यसभा में इस संबंध में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सीताराम येचुरी के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर हुई बहस में भाग लेते हुए जेटली ने कहा कि हाल में हुए चुनावों में देखने में आया है कि प्रत्याशियों द्वारा किए गए व्यय का भारी हिस्सा पेड न्यूज हेतु भुगतान के लिए व्यय हुआ है।
पेड न्यूज मीडिया में भ्रष्टाचार का समानार्थी होता है। जो समाचार-पत्र और चैनल ऐसे समाचार देते हैं, वे इस प्रिमाइज पर काम करते हैं कि चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को भुगतान करना चाहिए। यदि मीडिया संगठनों को यथेष्ठ रूप में भुगतान कर दिया जाता है तो वे समाचारों को तोड़-मरोड़ देंगे और प्रतिपक्षी उम्मीदवार के समाचार का विलोपन कर देंगे। भुगतान न किए जाने पर प्रत्याशी के चुनाव अभियान के समाचार नहीं दिए जाएंगे।
मीडिया संगठनों के वाणिज्यिक प्रतिनिधियों के लिए अब यह आम बात हो गई है कि वे न्यूज पैकेजिंग के लिए उम्मीदवारों तथा राजनीतिक दलों से संपर्क साधते हैं। हाल के चुनावों में समाचार संगठनों के अलावा कुछ इलेक्ट्रॉनिक चैनलों ने ये वैकल्पिक विधि वैध रूप में अपनाई। आम चुनावों के दौरान राष्ट्रीय समाचार चैनलों ने अपनी विज्ञापन दरों में कई गुना वृद्घि करने का निर्णय किया था।
वाणिज्यिक विज्ञापनों और चुनावी विज्ञापनों की दरों के बीच भारी अंतर था। इसको इलेक्शन प्रीमियम के रूप में औचित्यपूर्ण ठहराया गया था। चैनलों के प्रतिनिधियों ने राजनीतिक दलों को सूचित किया था कि इस अतिरिक्त प्रभार से राजनीतिक दलों की विज्ञापनों के साथ-साथ रैलियों और प्रेस सम्मेलनों के आंखों-देखा कवरेज द्वारा भरपाई हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि पेड न्यूज मीडिया के लिए रिश्वत है। इसके कारण स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचता है। इसके द्वारा उस व्यक्ति के पक्ष में, जो भुगतान कर सकता है, राजनीतिक माहौल को तोड़ा-मरोड़ा जाता है। इसके कारण चुनावों में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित व्यय सीमा का उल्लंघन होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी उम्मीदवार को, जो चुनाव अभियान में पेड न्यूज का सहारा लेता है, छह वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। |