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रिपोर्ट में 12 सुधारों को नजरअंदाज किया गया: सीतारमण

Edited By: Editor
Updated On : 2016-10-28 06:50:42
रिपोर्ट में 12 सुधारों को नजरअंदाज किया गया: सीतारमण
रिपोर्ट में 12 सुधारों को नजरअंदाज किया गया: सीतारमण

नई दिल्ली। विश्व बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रिपोर्ट पर भारत की वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण ने निराशा जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक निर्मला ने कहा है भारत में करीब 12 सुधार ऐसे हैं जो इस प्रक्रिया का हिस्सा ही नहीं बन पाए, जबकि सरकार शीर्ष 50 देशों की सूची में भारत के शामिल होने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक निर्मला ने कहा कि भारत में करीब 12 सुधार ऐसे हैं जो इस प्रक्रिया का हिस्सा ही नहीं बन पाए, जबकि सरकार शीर्ष 50 देशों की सूची में भारत के शामिल होने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। डीआइपीपी सचिव रमेश अभिषेक ने कहा कि जीएसटी, बैंक्रप्सी कोड, ऑनलाइन ईएसआइसी और ईपीएफओ पंजीकरण जैसे कदमों को विश्व बैंक इस रिपोर्ट को तैयार करते वक्त प्रक्रिया में शामिल नहीं कर पाया। इस तरह के करीब एक दर्जन सुधार हैं जिन पर विश्व बैंक ने विचार नहीं किया।

इसके आगे निर्मला ने कहा कि 'टीम इंडिया' ने मिलजुल कर इस दिशा में काफी मेहनत की है। वे विश्व बैंक की रिपोर्ट की आलोचना नहीं कर रही हैं, लेकिन अब देश को नए सिरे से भारत की रैंकिंग में सुधार के लिए काम करना होगा। विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में भारत की रैंकिंग एक अंक आगे सरक कर 130 रही है। विश्व बैंक की इस सूची में कुल 190 देश शामिल हैं।

भारत की रैंकिंग में सुधार नहीं: ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की रैकिंग में छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के मामले में भारत तीन पायदान नीचे खिसककर 13वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत से ऊपर रैंकिंग वाले अन्य देश हांगकांग, मलेशिया, कजाखस्तान, यूके, जॉर्जिया, कनाडा, नॉर्वे, यूएई, स्लोवेनिया और इजरायल हैं।


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