7 लाख का ईनामी डकैत बबुली कोल ने सो रहे बारातियों पर किया हमला

Edited by: Editor Updated: 17 May 2017 | 05:03 PM
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बुंदेलखंड। डकैत बबुली कोल पर 7 लाख के ईनाम मारपीट, हत्या, रंगदारी, अपहरण जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। यह डकैत पुलिस के लिए सबसे बड़ा सरदर्द बन गया है। बीहड़ों में इन दिनों बबुली कोल का राज चलता है और कहा जाता है कि बुंदेलखंड के गांवों में इसकी इजाजत के बिना पत्ता भी नहीं हिलता।

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सोमवार को चित्रकूट के लक्ष्मणपुर गांव में राजेन्द्र प्रसाद पुत्री की शादी थी। बारात हमीरपुर जिले के मलेहटा गांव निवासी रामचरन रैदास के पुत्र जीतू की आई थी। खाना खाकर बाराती जनवासे में सो रहे थे, तभी कुछ बारातियों ने रास्ते से गुजर रहे बबुली कोल गैंग के सदस्यों को टोक दिया।

डकैतों को यह बात नागवार गुजरी। बबुली कोल गिरोह ने रात करीब दो बजे फायरिंग करते हुए सो रहे बारातियों को चारों तरफ से घेर लिया। बारातियों को बंदूक की बटों से पीटते हुए कई घंटे तक लूटपाट की। डकैतों के कहर से 24 बारातियों को चोटें आईं, जिनमें से 12 को अस्पताल में भर्ती किया गया।

बुंदेलखण्ड की जमीं पर डकैतों का राज कई दशकों से रहा है। एक डकैत मरता है तो दूसरा पैदा हो जाता है। कहते हैं कि पाठा के जंगलों में रहने वाला बबुली अपने लेटर पैड से वसूली करता है।

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बबुली के गैंग के डकैत बुंदेलखंड के गांव-गांव जाकर बबुली का लेटर पैड व्यापारियों को बांटते हैं। इसके बाद रंगदारी वसूली जाती है। वैसे डकैत बबुली कभी डकैत ददुआ का चेला हुआ करता था। ददुआ की मौत के बाद वो दस्यु सरगना बलखड़िया उर्फ बाल खड़े उर्फ सुदेश पटेल के गिरोह में शामिल हुआ। एक मुठभेड़ में बलखड़िया के मरने के बाद बबली कोल को गैंग ने अपना सरदार बना दिया।