Disable ADBlock and Click Here to Reload The Page

सिटी बस में लड़की के साथ हुई दिल-दहलाने वाली घटना, CM ने फौरन लिया एक्शन

Edited By: Piyanka Tiwari
Updated On : 2017-12-05 19:03:00
सिटी बस में लड़की के साथ हुई दिल-दहलाने वाली घटना, CM ने फौरन लिया एक्शन
सिटी बस में लड़की के साथ हुई दिल-दहलाने वाली घटना, CM ने फौरन लिया एक्शन

देहरादून। बीते 2 दिसंबर की शाम देहरादून में एक लड़की के लिए भयावय रही। उसे एक भयानक अनुभव से गुजरना पड़ा। बता दें कि अपने भयानक अनुभव को खुद उस लड़की ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसके बाद से महिला सुरक्षा को लेकर सरकार के बड़े-बड़े दावों के खिलाफ मुहिम छिड़ गई है। वहीं, खुद मुख्यमंत्री ने लड़की को जवाब देते हुए उसकी पूरी मदद की बात कही है।

ये मामला देहरादून के बल्लूपुर चौराहे का है, जहां 2 दिसंबर को एक लड़की ने अपने साहस का परिचय देते हुए कुछ लोगों के नापाक मंसूबों को कामयाब होने से रोक दिया। यहां प्रेम नगर की रहने वाली अंजलि (बदला हुआ नाम) ने घर जाने के लिए घंटाघर से सिटी बस का प्रयोग किया था लेकिन उसे नहीं मालूम था कि जहां उसे उतरना है वहां ये सिटी बस वाले ब्रेक ना मार कर बस की रफ्तार और तेज कर लेंगे।

देहरादून में जो अंजलि ने महसूस किया वो शायद देश की और भी महिलाएं रोज महसूस करती हैं। हालांकि ये मामला तब सामने आया जब पीड़ित लड़की ने अगले दिन सुबह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ट्वीट करके अपनी समस्या बताई।

जाने लड़की ने ट्वीटर के जरिए क्या लिखा-
अपने ट्विटर अकाउंट से लड़की ने अपनी आपबीती साझा की है। लड़की लिखती है- "रात के 7 भी नहीं बजे थे। मैं सिटी बस के लिए सड़क के किनारे खड़ी इंतजार कर रही थी, तभी एक शेयर ऑटो आकर मेरे सामने रुकता है, मैं अंदर झांककर देखती हूं तो अंदर 2-3 लड़के बैठे दिखाई देते हैं, मैं ऑटो को मना कर देती हूं। उसी दौरान मेरी बस भी आ जाती है और मैं काफी राहत महसूस करती हूं।

बस के अंदर लगभग 10-12 आदमी और ड्राइवर-कंडक्टर मौजूद थे। मैनें सीट ली और कंडक्टर को पैसे देकर अपने स्टॉप की जानकारी दी। जैसे ही मैंने अपना स्टॉप पास आता देखा, मैनें अपना बैग उठाया लेकिन बस रुक ही नहीं रही थी। इससे पहले कि मैं कुछ कहती, मेरा स्टॉप पीछे छूट गया।

मैंने तुरंत कंडक्टर से सवाल पूछा लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। मैं ड्राइवर पर चिल्लाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अपने फोन पर मैंने स्पीड डायल का पहला नंबर डायल किया और उनको डराते हुए कहा कि मैं अपने पापा को फोन कर रही हूं लेकिन फिर भी उनपर कोई असर नहीं हुआ। अब मैंने पुलिस को कॉल करने का फैसला लिया और ड्राइवर-कंडक्टर को बोला कि पुलिस को कॉल कर रही हूं, लेकिन कॉल लगी नहीं।

कंडक्टर मेरे फोन तक पहुंच गया लेकिन मैंने ऐसा दिखाया जैसे कॉल लग गई है और मैं पुलिस को लोकेशन बता रही हूं। जब कंडक्टर ने मुझे पुलिस से बात करते सुना तो ड्राइवर को बस रोकने के लिए चिल्लाया। बस रुकी और मैं भागकर नीचे उतरी। अंधेरा हो चुका था।

जबतक मैं बस का नंबर देखती तबतक बस लेकर वो भाग चुके थे। बस में और आदमी भी थे लेकिन कोई कुछ नहीं बोला था। मुझे नहीं पता कि वो जानने वाले थे या नहीं लेकिन कोई नहीं बोला।

पिछले तीन घंटे से सभी लोग मेरी गलतियां निकालने में लगे हैं, मेरे माता-पिता को शर्मिंदा करने में लगे हैं कि क्यों मुझे इतनी आजादी दी और सारी घटना की गलती मेरे सिर मढ़ रहे हैं। लेकिन मैं रुकूंगी नहीं। ऐसे लोगों को जेल भिजवा कर रहूंगी।"

मुख्यमंत्री ने फौरन लिया एक्शन
इस पूरे वाकए को पढ़ने के बाद खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि उन्होंने ये पूरा घटनाक्रम दो बच्चियों के पिता होने के भाव से पढ़ा है। वो वैसा ही महसूस कर रहे हैं जैसा कि लड़की के पिता। मुख्यमंत्री होने के नाते लड़की को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने किसी प्रकार की चिंता न करते हुए देहरादून SSP को ये मामला सौंप दिया है।

SSP निवेदिता कुकरेती ने मुख्यमंत्री के ट्वीट पर संज्ञान लेते हुए लड़की से फौरन संपर्क साधा। SSP का कहना है कि लड़की की शिकायत पर आरोपी कंडक्टर और ड्राइवर की तलाश की जा रही है। ये भी देखा जा रहा है कि उस वक्त इस रूट पर कौन सी सिटी बस थी।

बहरहाल, इस लड़की की ये पहल काबिले तारीफ है। जिस तरह से लड़की ने बस ड्राइवर और कंडक्टर की हरकत का मुख्यमंत्री से शिकायत कर जवाब दिया है वो बाकी लड़कियों के लिए भी एक सबक है। अंजलि की पहल पर दूसरी लड़कियों को भी बोलने का मौका मिलेगा जो कोई घटना घट जाने के बाद समाज के डर से चुप हो जाती हैं।

 

 


उत्तराखंड पर शीर्ष समाचार


x