डीआरएस लागू करना एक सकारात्मक कदम: तेंदुलकर

Edited by: Editor Updated: 15 Nov 2016 | 02:21 PM
detail image

मुंबई। भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भारत में द्विपक्षीय सीरीज में डीआरएस लागू करने को 'सकारात्मक कदम' बताते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट कंटरोल बोर्ड (बीसीसीआई) अगर संशोधित समीक्षा प्रणाली से संतुष्ट हैं, तो वह इसे स्थायी तौर पर अपना सकता है।

सचीन ने कहा, विश्व में हर जगह एक जैसी प्रौद्योगिकी होनी चाहिए क्योंकि मैंने पाया कि दुनिया के किसी हिस्से में स्निकोमीटर तो अन्य हिस्से में हाटस्पाट का उपयोग किया जाता है। उन्होंने ने कहा, जब आप टेस्ट क्रिकेट खेलते हो तो कुछ चीजें जो दुनिया में हर जगह एक जैसी होनी चाहिए और जब डीआरएस क्रिकेट से जुड़ गया है तो फिर यह विश्व भर में हर जगह एक जैसा होना चाहिए। 

उन्होंने कहा, जहां तक संभव हो लगातार सही फैसले। इसलिए आपको सही फैसले हासिल करने के लिए तरीके खोजने होंगे और उन्हें एक टीम के रूप में काम करना चाहिए। सभी तीनों अंपायरों मतलब मैदानी अंपायरों और तीसरे अंपायर को।

गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड लंबे समय तक निर्णय समीक्षा प्रणाली यानी डीआरएस का विरोध करता रहा लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ वर्तमान टेस्ट सीरीज में ट्रायल के तौर पर इसका उपयोग करने के लिए सहमत हो गया।