आधार कार्ड वाली कम्पनी ने 800 लोगों को एक ही दिन पैदा कर दिया

Edited by: Web_team Updated: 28 Oct 2017 | 02:06 PM
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देहरादून। आधार कार्ड बनाने के दौरान एक बहुत बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। हरिद्वार के एक गांव में आधार कार्ड बनाने वाली कम्पनी ने 800 लोगों को एक दिन पैदा कर दिया। आधार कार्ड पर की डेट ऑफ बर्थ (जन्मतिथि) 1 जनवरी लिखी हुई है। इस मामले में जब अधिकारियों से पूंछा गया तो इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

हरिद्वार जिले के लालढांग क्षेत्र में गेंडीखाता पंचायत की वन गुर्जर बस्ती में लगभग 5 हजार की आबादी है। बस्ती में अधिकांश लोग अशिक्षित हैं। ग्रामीणों को यह नहीं पता कि आधार कार्ड में किन कागजातों की डिटेल भरी जाती है। जो कागजात आधार कार्ड बना रहे एजेंसी ने मांगे, ग्रामीणों ने जमा कर दिए। इसके बावजूद 800 लोगों के आधार कार्ड की गलत डिटेल अपलोड कर दी गई। आधार कार्ड पर सभी की जन्म तारीख एक जनवरी दिखाई गई है। हालांकि, जन्म का वर्ष अलग-अलग है। इससे ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वन गुर्जर गुलाम रसूल, शराफत, शमशेर अली, यूसुफ, बाबू खटाना, अकबर, मोहम्मद आलम, नूर आलम आदि का कहना है कि गांव में आधार कैम्प में सभी ने एक साथ आधार कार्ड बनवाया था। जो कागजात मांगे गए थे, वह दे दिए गए। कार्ड बनाने वाले एजेंसी कर्मचारी ने लोगों की उम्र पूछ कर आधार कार्ड बना दिया।

उधर, मुख्य विकास अधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया कि 800 लोगों की जन्म तिथि गलत होना बड़ी गलती है। बिना सत्यापन जन्म तिथि दर्ज नहीं की जा सकती। एजेंसी की लापरवाही सामने आने पर एजेंसी का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। एजेंसी को भविष्य में कैंप लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अभी तक उनके पास इस संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है।

इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद हरिद्वार के एसडीएम ने कहा है कि मीडिया के जरिये मिली रिपोर्ट के बाद यह मामला हमारे संज्ञान में आया है। हम मामले की जांच करेंगे और जिन्होंने भी यह गड़बड़ की है, उनके खिलाफ ऐक्शन लिया जाएगा।