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कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल के सामने होंगी ये 7 बड़ी चुनौतियां !

Edited By: Shiwani Singh
Updated On : 2017-12-04 14:58:11
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कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल के सामने होंगी ये 7 बड़ी चुनौतियां !

नई दिल्ली। राहुल गांधी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष से कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए कदम आगे बढ़ा दिया है। अब राहुल का पार्टी अध्यक्ष चुना जाना बस एक औपचारिकता मात्र रह गया है।
बता दें कि राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र का पहला सेट भरा। चूंकि उनके मुकाबले में कोई अन्य कैंडिडेट नहीं है, इसलिए सर्वसम्मति से राहुल की ताजपोशी तय है।

वहीं, 130 साल पुरानी पार्टी के अध्यक्ष बनने के बाद राहुल की राहें आसान नहीं रहने वाली। कांग्रेस की कमान संभालने के बाद राहुल को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिममें सबसे बड़ी चुनौती राहुल को अपनी छवि बनाना है। साथ ही कांग्रेस के प्रति जनता में विश्वास लाना है जो अभी कहीं ना कहीं बहुत कम है। इसी का नतीजा है कि कांग्रेस हर लड़ाई में बीजेपी के हाथों करारी शिकस्त खा रही है।

आइए जानते हैं कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी के सामने कैसी-कैसी चुनौतियां आएंगी-

1. राहुल गांधी के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी खुद की 'नॉन सीरियस' छवि से बाहर निकलना। दरअसल, राहुल को बीजेपी नॉन सीरियस लीडर के तौर पर पेश करती रही है। बीजेपी से लेकर अपनी खुद की पार्टी में कई नेता उन्हें अपरिपक्व नेता बताते रहे हैं। ऐसे में राहुल के सामने अपनी इस छवि को हटाने के साथ ही विरोधियों को जवाब देने की चुनौती होगी।

2. राहुल के सामने दूसरी सबसे बड़ी चुनौती जनता से कनेक्शन स्थापित करना रहेगा। ये तो सभी जानते हैं कांग्रेस का जनता से कनेक्शन टूटा हुआ है। यही वजह है कि कांग्रेस लोकसभा लेकर विधानसभा सभी चुनावों में लगाता हार रही है। कांग्रेसी खुद को सत्ताधारी मानते हैं, विपक्ष में रहकर संघर्ष करना उनकी प्रवृत्ति नहीं रही। राहुल गांधी को कांग्रेस की ये छवि बदलनी होगी और पार्टी को संघर्ष के रास्ते पर लाकर खड़ा करना होगा।

3. कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल के सामने तीसरी सबसे बड़ी चुनौती 130 सालों से चली आ रही विरासत की परछाईं से निकलना होगा। राहुल की पहचान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की विरासत के तौर पर है। राहुल अपने परनाना की विचारधारा के बोझ तले दबे हुए नजर आतें हैं। जबकि मौजूदा दौर के वोटर्स की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए उन्हें इससे बाहर निकलना होगा।

4. राहुल के सामने कांग्रेस को एक मजबूत पार्टी के तौर पर उभारना एक बड़ी चुनौती होगी। ये तो सभी जानते हैं 2014 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के हाथ से लगातार एक के बाद एक राज्यों की सत्ता निकलती गई। राहुल गांधी ऐसे वक्त पर कांग्रेस की कमान संभालने जा रहे हैं जब पार्टी सिमटकर सिर्फ छह राज्यों तक रह गई है। ऐसे में संगठन को दोबारा खड़ा करने की जिम्मेदारी राहुल के कंधों पर होगी।

5. राहुल के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश में फैली मोदी लहर का सफाया करना होगा। राहुल को देश का भावी प्रधानमंत्री के तौर पर भी देखा जाता है। ऐस में राहुल गांधी का मुकाबला मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है। मोदी लहर के सहारे बीजेपी ने एक के बाद एक राज्य में जीत का परचम लहराया है। राहुल को इस लहर को कम करना पड़ेगा

6. कांग्रेस अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद राहुल को एक मजबूत विपक्ष के तौर पर उभरना ही होगा। कांग्रेस के हाथों जिन वजहों से सत्ता गई और बीजेपी की सत्ता के दौर में कांग्रेस को लेकर जिस तरह मोदी सरकार बेफिक्र है उसकी वजह दो ही हैं। पहली, कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में कमजोर रही और बीजेपी विपक्ष में भूमिका में हमेशा मजबूत रही है।

7. कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल के सामने सबसे पहली चुनौती विधानसभा चुनाव जीतना है। गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव ये दौनों राहुल के सामने पहली परीक्षा है। वहीं, अगले साल देश के आठ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और कर्नाटक जैसे बड़े राज्य शामिल हैं। इन चुनावों में राहुल गांधी के नेतृत्व की परीक्षा होगी।

 


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