बैंक में नोट बदलने के बाद आज से लगाई जाएगी स्याही

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-11-16 09:42:36
बैंक में नोट बदलने के बाद आज से लगाई जाएगी स्याही

नई दिल्ली। 500 और 1000 के नोटबंदी के बाद नकदी को लेकर परेशान लोगों को अभी तक राहत मिलती नहीं दिख रही है। लोगों को सुबह से ही एटीएम और बैंकों के बाहर लाइनों में लगना पड़ रहा है। जिससे चलन से बाहर किए जा चुके 500 और 1000 के नोटों के बदले नए नोट बदल सकें।

अधिकतर ग्राहक एटीएम के जल्द खाली हो जाने की वजह से परेशान नजर आ रहे है। इसके अलावा कुछ एटीएम नकदी होने के बावजूद तकनीकी समस्या से जूझते नजर आए जिसकी वजह से लाइनों में खड़े लोगों में काफी गुस्सा है।

सरकार ने बैंकों में लगी भारी भीड़ और अफरातफरी से निपटने के लिए एक नया और अनूठा तरीका निकाला है। नोट बदलवाने वाले व्यक्ति की उंगली में वोट डालने वाली स्याही लगाई जाएगी।

इससे एक ही व्यक्ति बार-बार नोट बदलवाने के लिए लाइन में नहीं लग सकेगा और भीड़ से निपटने में मदद मिलेगी। यह स्याही दाएं हाथ उंगली पर लगाई जाएगी।

वैसे सामान्य तौर पर यह स्याही चुनाव में वोट डालने आए मतदाता के बाएं हाथ की उंगली पर लगाई जाती है। कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में बाएं हाथ की उंगली पर स्याही लगाने से अनावश्यक परेशानी खड़ी हो जाएगी। ऐसे में यह फैसला किया गया है कि यह स्याही दाएं हाथ की उंगली पर लगाई जाए।

बड़े शहर के बैंकों में यह फैसला लागू कर दिया गया है जबकि बाकी बैंकों में यह फैसला बुधवार से लागू होगा, लेकिन इस सवाल का जवाब नहीं मिला है कि दाएं हाथ की किस उंगली पर पहले निशान लगेगा।

अभी यह भी साफ नहीं है कि क्या पुराने नोटों को एक बार ही बदला जा सकेगा। लोगों की सहूलियत के लिए सरकार ने कुछ और बड़े फैसले भी किए हैं। बैंकों के बाहर लाइन खत्म करने के लिए माइक्रो एटीएम की शुरुआत कर दी गई है। देश भर में 2 लाख माइक्रो एटीएम लगाए जा रहे हैं।

बैंक अब 10 , 20 और 50 रुपए के नोट भी देने लगे हैं। इससे खुले पैसों की समस्या खत्म होगी। बैंक में बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग से लाइन लगने लगी है तो नोट बदलने और कैश जमा करने के लिए भी अलग-अलग लाइनें लगाने को कहा गया है। ताकि भीड़ कम हो सके।

सरकार ने साफ कह दिया है कि जन धन के खातों का इस्तेमाल दूसरों के पैसे जमा कराने में न करें। जनधन वाले खातों में अधिकतम 50 हजार जमा हो सकते हैं। इससे ज्यादा होने का मतलब है दूसरे का पैसा जमा हुआ है।

इसके अलावा नोटबंदी के बाद रेल टिकट की भारी बुकिंग कराने वालों पर भी रेलवे ने शिकंजा कसा है। रेलवे ने कहा है, ‘9 से 24 नवंबर के बीच 5 हजार रु तक के रेल टिकट बुकिंग कराने वालों को अगर टिकट कैंसल कराने का रिफंड चाहिए तो वो कैश नहीं मिलेगा सीधे बैंक खाते में जाएगा।’

इस सारी कवायद के पीछे कोशिश यही है कि ईमानदारों को परेशानी ना हो और काले धन वाले कुबेर बच ना सकें।


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