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राजनीतिक घमासान के बाद जीते अहमद पटेल, शाह और स्मृति भी पहुंची राज्यसभा

Edited By: Shiwani Singh
Updated On : 2017-08-09 11:21:05
राजनीतिक घमासान के बाद जीते अहमद पटेल, शाह और स्मृति भी पहुंची राज्यसभा
राजनीतिक घमासान के बाद जीते अहमद पटेल, शाह और स्मृति भी पहुंची राज्यसभा

अहमदाबाद। गुजरात राज्यसभा चुनाव में 10 घंटे के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद परिणाम सामने आए। बीजेपी की तमाम कोशिशों को नाकाम करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल ने जीत दर्ज की। वहीं, बाकी दो सीटों पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को जीत मिली।

यह भी पढ़ें-गुजरात राज्यसभा चुनाव: शाह-स्मृति की जीत पक्की, संशय में अहमद पटेल

राज्यसभा चुनाव में कुल 176 वोट किए गए थे, जिनमें से 2 वोट रद्द होने के बाद 174 की काउंटिंग की गई। अहमद पटेल ने 44 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार बलवंत राजपूत को शिकस्त दी। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को 46 वोट मिले। वहीं, स्मृति ईरानी को भी 46 वोट मिले। जबकि बलवंत सिंह राजपूत को महज 38 वोट मिले हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमित शाह और स्मृति ईरानी को चुनाव जीतने पर बधाई दी।

जीत के बाद अहमद पटेल ने पार्टी नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया। पटेल ने ट्वीट कर सत्य की जीत होने की बात कही। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ये सिर्फ मेरी जीत नहीं है, बल्कि सत्ता, पैसे और स्टेट मशीनरी के दुरुपयोग की हार है।

मंगलवार शाम वोटिंग खत्म होने के बाद कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से अपनी पार्टी के दो बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दोनों विधायकों ने वोटिंग के दौरान अपने बैलेट अमित शाह को दिखाए, जो नियम के खिलाफ है। हालांकि, बीजेपी इसे नकारती रही।

दिल्ली पहुंची गुजरात की लड़ाई

गुजरात राज्यसभा चुनाव का रण दिल्ली पहुंच गया। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और आरपीएन सिंह ने चुनाव आयोग जाकर मामले की शिकायत की। साथ ही उन्होंने अपनी दलील पेश करते हुए दो विधायकों के वोट रद्द करने की अपील की। कांग्रेस की इस प्रयास को कमजोर करने के लिए बीजेपी ने 6 केंद्रीय मंत्रियों का डेलीगेशन चुनाव आयोग भेजा।

वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण और धर्मेंद्र प्रधान ने चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचकर कांग्रेस की अपील को दरकिनार करने की मांग की।

3-3 बार EC दफ्तर पहुंचे नेता

बीजेपी का डेलीगेशन चुनाव आयोग के दफ्तर से निकला ही थी कि कुछ देर बाद वहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा लग गया। वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद समेत कई नेताओं ने आयोग पहुंचकर अपनी दलीलें पेश कीं।

कांग्रेस ने यहां हरियाणा में वोट रद्द होने की घटना का उदाहरण दिया। कांग्रेस के बाद फिर बीजेपी और बीजेपी के बाद फिर कांग्रेस, इस तरह से दोनों पार्टियों के नेता तीन-तीन बार आयोग में अपना पक्ष लेकर पहुंचे।

आधी रात को आया EC का फैसला
चुनाव आयोग में घंटों तक माथापच्ची चली। आखिरकार रात करीब 12 बजे आयोग ने कांग्रेस के दोनों बागी विधायकों के वोट रद्द करने का आदेश दिया। इस आदेश के साथ ही आयोग ने वोटों की काउंटिंग के भी निर्देश दिए। हालांकि, बीजेपी ने आयोग के इस फैसले को गलत ठहराया।

गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने आयोग के फैसले को गलत बताते हुए नाराजगी जताई। इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर में काउंटिंग सेंटर के बाहर मौजूद रहे। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी के साथ कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

रात करीब 1.30 बजे शुरू हुई वोटिंग की गिनती

कई घंटों के इंतजार के बाद आखिरकार रात करीब 1.30 बजे वोटों की गिनती शुरू हुई। मतदान केंद्र से बाहर निकलकर कांग्रेस विधायक शैलेष परमार ने अहमद पटेल को 44 वोट मिलने के साथ उनकी जीत का दावा किया।

बता दें कि गुजरात में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मंगलवार को वोटिंग हुई थी। तीन सीटों पर चार उम्मीदवार लड़ रहे थे। दो सीटों पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी। जबकि अहमद पटेल के खिलाफ बीजेपी उम्मीदवार बलवंत राजपूत की जीत को लेकर बड़ा संशय था।


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