अखिलेश-राहुल का ब्रेकअप, अब 2019 में साथ नहीं दिखेगा UP के लड़कों का 'दोस्ताना'!

Edited by: Shiwani_Singh Updated: 10 Jan 2018 | 08:23 PM
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नई दिल्ली। वैसे 2019 के लोकसभा चुनाव में अभी ढेड़ साल का वक्त बाकी है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सियासी बिसात अभी से बिछाई जाने लगी है। वहीं, जो दावं अखिलेश यादव ने चला है, उससे 2019 में विपक्षी एकता दूर की कौड़ी नजर आ रही है। दरअसल, आगामी लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी से मुकाबला करने के लिए महागठबंधन बनाकर उतरने की तैयारी कर रही विपक्षी एकता को सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने बड़ा झटका दिया है।

अखिलेश यादव को महागठबंधन समय की बर्बादी नजर आ रहा है, वहीं कांग्रेस इस बात को हलके में ले रही है। बता दें कि अखिलेश यादव ने एक साक्षात्कार में कहा, ''2019 के लिए अभी तक मैं किसी पार्टी के साथ गठबंधन की नहीं सोच रहा हूं। गठबंधन और सीट शेयरिंग पर बात कर मैं अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहता।

अखिलेश ने ये आगे कहा, ''मैं किसी भ्रम में नहीं रहना चाहता हूं। अभी मैं सिर्फ अपनी पार्टी को मजबूत करने में लगा हूं। अखिलेश के इस बात से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में कहीं ना कहीं मतभेद उभरते हुए दिखाई दे रहे हैं।

वहीं, अखिलेश यादव के गठबंधन से इनकार की बात को कांग्रेस हल्के में लेकर चल रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा, ''हम जमीन पर अपने संगठन को मजबूत करने में लगे हैं। अभी हमारा पूरा फोकस पार्टी को मजबूत करने पर है, जहां तक महागठबंधन की बात है तो उस पर कांग्रेस की केंद्रीय लीडरशिप फैसला करेगी।टट

वहीं, अभ अखिलेश-राहुल की दोस्ती में पड़ती दरार पर बीजेपी ने भी तंज कसा है। बीजेपी ने कहा, ''गठबंधन में दरारें आ गई हैं।'' इस बात पर कांग्रेस के प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने कहा,'' बीजेपी के दृष्टिकोण में ही दरारें हैं इसलिए उन्हें हर जगह टूट नजर आती है।''