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करारी हार के बाद एक साथ नज़र आए अखिलेश-शिवपाल

Edited By: Ankur Maurya
Updated On : 2017-03-16 05:37:30
करारी हार के बाद एक साथ नज़र आए अखिलेश-शिवपाल
करारी हार के बाद एक साथ नज़र आए अखिलेश-शिवपाल

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश चुनाव में समाजवादी पार्टी को मिली करारी हार के बाद सपा के विधायकों की आज पार्टी दफ्तर में बैठक हुई। वहीं इस बैठक में करीब 3 महीनें बाद अखिलेश- शिवापल एक साथ नजर आए। वहीं इनके अलावा बैठक में आजम खान, रामगोविंद चौधरी भी शामिल हुए।

समाजवादी पार्टी में एक बार फिर अंदरूनी कलह शुरू होने की अटकलों के बीच पार्टी के लिए माथापच्ची की एक नई वजह पैदा हो गयी है। पार्टी विधानसभा में विपक्ष के नेता के लिए अपने किसी नेता का नाम तय करने को लेकर अटकले जारी हैं। चुनाव में 47 सीटें जीतकर सपा सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी बनी है और सदन में नेता विपक्ष उसी का होगा।

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अखिलेश यादव को तय करना है कि 403 सदस्यीय विधानसभा में 325 के संख्याबल वाले सत्तापक्ष के सामने विपक्ष का नेता किसे बनाया जाए, जो प्रतिपक्ष की बात को प्रभावशाली तरीके से रख सके। अखिलेश विधान परिषद के सदस्य हैं और उन्होंने विधानसभा का चुनाव भी नहीं लड़ा। उन्होंने एसपी के नवनिर्वाचित विधायकों की गुरुवार को बैठक बुलायी है।

माना जा रहा है कि इस बैठक में विधायकों की राय जानने के बाद वह नेता प्रतिपक्ष के संबंध में कोई फैसला लेंगे। सूत्रों के मुताबिक सपा विधान मंडल दल की रेस में आजम खान सबसे आगे हैं। आजम के नाम को लेकर पार्टी में एक सहमति भी है। इसके अलावा रामगोविंद चौधरी का भी नाम इसमें शामिल है।

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सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में हार के कारणों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान कई विधायकों ने भी अपनी राय दी। मीटिंग में ज्यादातर ने ईवीएम और मीडिया पर हार का ठिकरा फोड़ा। विधायकों का मानना था कि ईवीएम में गड़बड़ी की गई है। इसके अलावा मीडिया ने भी बीजेपी के फेवर में माहौल बनाया, जिससे कि बीजेपी के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा।

आपको बता दें कि यूपी चुनाव में हार के बाद विधान परिषद में बहुमत के बाद भी सपा विपक्षी पार्टी हो गई है। इसी के मद्देनजर विधान परिषद के नेता विपक्षा का चुनाव हो रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले शिवपाल-अखिलेश 1 दिसंबर 2016 को एक साथ नजर आए थे। मौका था लखनऊ मेट्रो के उद्धाटन का।


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