गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव के लिए सभी पार्टियों ने कसी कमर

Edited by: Aniket Updated: 13 Feb 2018 | 04:52 AM
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नई दिल्ली। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है। इन उपचुनावों में अब केवल एक महीने का समय बचा है। गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफा देने के कारण खाली हुई है क्योंकि ये दोनों नेता इस्तीफा देकर उत्तर प्रदेश विधानपरिषद के सदस्य बन गए है।

राज्य में सत्तारूढ बीजेपी के लिए गोरखपुर लोकसभा सीट प्रतिष्ठा का सवाल है क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस सीट पर 5 बार जीत हासिल कर चुके है। योगी के पहले उनके गुरू मंहत अवैद्यनाथ इस सीट पर तीन बार लोकसभा चुनाव जीत चुके है।

दूसरी तरफ फूलपुर लोकसभा सीट जो कभी कांग्रेस का गढ हुआ करती थी और पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू इस सीट पर पार्टी का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। इस सीट पर पहली बार भाजपा ने 2014 में जीत दर्ज की थी और केशव प्रसाद मौर्य ने यहां पार्टी का भगवा झंडा लहराया था।

इन उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सबकी निगाहें बीजेपी पर होंगी जो इन सीटों को वापस हासिल करना चाहेगी। उसके लिए यह उपचुनाव खासतौर पर इसलिए भी प्रतिष्ठा का प्रश्न है क्योंकि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में यह पार्टी प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई है।

नौ फरवरी को चुनाव आयोग ने दोनों सीटों पर 11 मार्च को उपचुनाव कराए जाने की घोषणा की थी और परिणामों की घोषणा 14 मार्च को की जाएगी। उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ बीजेपी की प्रतिष्ठा से जुड़ी गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव की घोषणा के बाद बीजेपी और मुख्य विपक्षी दल सपा और कांग्रेस ने उपचुनाव में जीत हासिल करने का दावा किया। प्रमुख विपक्षी दलों सपा और बहुजन समाज पार्टी ने इन दोनों ही सीटों के उपचुनाव मतपत्रों के जरिए कराने की मांग पहले से ही की है।

बीजेपी की मानें तो उनका दल हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहता है। बीजेपी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। आने वाले उपचुनाव में पार्टी और बड़े अंतर से जीतेगी। हालांकि सपा का दावा है कि मतदाता गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी को उसकी वादाखिलाफी का सबक सिखाएंगे।

इसके साथ उत्तर प्रदेश की जनता बीजेपी को उसकी वादाखिलाफी के लिए सबक जरूर सिखाएगी क्योंकि पिछले चुनाव में बीजेपी ने जो वादे किए थे वे आज तक पूरे नहीं हुए हैं। इस बीच कांग्रेस ने भी दावा किया कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के शासनकाल में डर का माहौल बना हुआ है और उप चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।