सेना के लिए दान स्वेच्छा से, जबर्दस्ती नहीं: मनोहर पर्रिकर

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-25 16:32:24
सेना के लिए दान स्वेच्छा से, जबर्दस्ती नहीं: मनोहर पर्रिकर

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने मंगलवार को यह साफ किया कि सेना के लिए जिसे दान देना है वो स्वेच्छा से दे। किसी पर दबाव डालकर दान नहीं लिया जाता। यह बात पर्रिकर ने मनसे के इस फरमान के संदर्भ में कही जिसमें पार्टी ने पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर फिल्म बनाने वाले निर्माताओं से सेना कल्याण कोष में पांच करोड रुपये का दान देने को कहा था।

रक्षा मंत्री ने कहा कि नवगठित ‘बैटल कैजुअल्टी फंड' का गठन यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि जो लोग शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिए स्वेच्छा से दान देना चाहते हैं, वह दान दे सकें। उन्होंने कहा ‘रक्षा मंत्रालय संबद्ध एजीबी (एजुटेन्ट जनरल ब्रांच) की मदद से यह योजना चलाएगा।

यह पूरी तरह स्वैच्छिक अनुदान है और इसके लिए दान देने की किसी भी मांग से हमारा संबंध नहीं है।' पर्रिकर ने कहा कि मंत्रालय एक योजना बना रहा है जिसके माध्यम से शहीदों के सभी परिवारों की समान मदद की जाएगी।

आपको बता दें कि ‘ऐ दिल है मुश्किल' को रिलीज की अनुमति तब दी गई जब इसके निर्माता मनसे प्रमुख राज ठाकरे की तीन शर्तें मानने को तैयार हो गये। इनमें एक शर्त यह है कि निर्माता को पांच करोड रुपये सेना कल्याण कोष में देने होंगे।


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