घुसपैठियों की साजिश नाकाम करने वाला BSF जवान शहीद

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-23 10:20:41
घुसपैठियों की साजिश नाकाम करने वाला BSF जवान शहीद

नई दिल्ली। सीमा पर पाक की ओर से हुए घुसपैठियों की साजिश नाकाम करने के दौरान बुरी तरह घायल हो गए जाबांज BSF जवान गुरनाम सिंह शनिवार देर रात शहीद हो गए। एक घुसपैठ रोकने के सिलसिले में 21 अक्टूबर को उनकी पाक रेंजरों और आतंकियों से भिड़ंत हो गयी थी।

इसी दौरान उन्होंने आतंकियों का बहादुरी से सामना किया और बुरी तरह घायल हो गए थे। घायल होने के बाद उन्हें जम्मू के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां कल देर रात वो शहीद हो गए।

जम्मू में बीएसएफ के आईजी डीके उपाध्याय ने गुरनाम की शहादत पर कहा- इस बहादुर जवान पर हमें नाज है, गर्व है। जिस बहादुरी के साथ गुरनाम दुश्मनों के साथ लड़ा है वो काबिले-तारीफ है।

गौरतलब है कि 19-20 अक्टूबर के रात जम्मू के हीरानगर सेक्टर के बोबिया पोस्ट पर गुरनाम तैनात थे। रात में उन्होंने सरहद पर हलचल देखी। करीब 150 मीटर दूर कुछ धुंधले चेहरे नजर आए। उन्होंने बिना देर किए साथियों को अलर्ट किया और ललकारने पर पता चला कि वह आतंकी है। इसके बाद दोनों ओर से फायरिंग हुई।

आतंकी वापस भाग खड़े हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक 21 अक्टूबर को सुबह पाकिस्तानी रेंजर्स ने स्नाइपर रायफल्स से गुरनाम पर फायर किया। सिर में गोली लगने से वे बुरी तरह जख्मी हो गए थे।

24 साल के गुरनाम बेहद साधारण परिवार से थे। वे जम्मू के आरएस पुरा से हैं और उनके पिता स्कूल बस ड्राइवर हैं। बता दें कि गुरनाम रेजीमेंट 173 बीएसएफ (ई कंपनी) में तैनात थे। उन्हें सिर में गोली लगी थी। गुरनाम का जम्मू में इलाज चल रहा था। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया।

इसमें एक आतंकी जख्मी साथी की बॉडी को घसीटते देखा गया। बीएसएफ आईजी (जम्मू) डीके उपाध्याय ने बताया था- "कठुआ सेक्टर के हीरानगर इलाके में कुछ मूवमेंट नजर आई थी। पता चला कि 6 आतंकी भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। बीएसएफ जवानों ने इन्हें रोकने की कोशिश की। दोनों तरफ से फायरिंग हुई।"


राष्ट्रीय पर शीर्ष समाचार