हथियारों के सप्लाई के लिए तैयार रहें सप्लायर्स: PM मोदी

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-10 19:32:16
हथियारों के सप्लाई के लिए तैयार रहें सप्लायर्स: PM मोदी

नई दिल्ली। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के मद्देनजर मोदी सरकार ने हथियारों के सप्लायर्स से तैयार रहने को कहा है। सरकार ने सप्लायर्स से कहा है कि उन्हें कम वक्त में जरूरत के हिसाब से अपना प्रॉडक्शन बढ़ाने के लिए तैयार रहना होगा, उन्हें शॉर्ट नोटिस पर हथियार सप्लाई करने पड़ सकते हैं।

एक अखबार कि रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी अधिकारियों और कुछ टॉप कंपनी एग्जिक्युटिव्स ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सरकार की ओर से यह कहा जा रहा है कि हथियारों के सप्लायर्स को सेनाओं की जरूरत के मुताबिक अपनी क्षमताओं को परख लेना चाहिए। भारत में सबसे बड़ा कारोबार करने वाले हथियारों के सप्लायर्स सहित सभी सप्लायर्स से कहा गया है कि अतिरिक्त हथियारों के कॉन्ट्रैक्ट को उन्हें तुरंत पूरा करना होगा। एक टॉप डिफेंस एग्जिक्युटिव ने बताया, 'सरकार इंडस्ट्री की शॉर्ट नोटिस पर हथियारों की डिलिवरी करने की क्षमता की साफ तस्वीर चाहती है, ताकि मौजूदा प्रॉडक्शन को बढ़ाया जा सके और अर्जेंट ऑर्डर को तुरंत पूरा किया जा सके।'

सूत्रों ने हवाले से ख़बर है कि सरकार ने जनवरी में पठानकोट एयर बेस पर हुए हमले के बाद भी ऐसी तैयारी के लिए कहा था। खास तौर पर रक्षा मंत्रालय छोटे हथियार, गोला-बारूद और अतिरिक्त पुर्जे, सुखोई और मिराज फाइटर प्लेन्स के लिए प्राथमिकता के आधार पर चाहता है।

आपतो बता दें कि 29 सितंबर को हुए सर्जिकल स्ट्राइक से एक दिन पहले ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संकेत दिए थे कि रक्षा हितों को देखते हुए रक्षा बजट में इजाफा किया जा सकता है। अरुण जेटली ने एक बैंक कॉन्फ्रेंस में कहा था, 'भारत में जितने भी वैश्विक आयोजन होते हैं, उनके लिए सुरक्षा का इंतजाम करना बड़ी चुनौती होती है। सुरक्षा के लिहाज से यह चुनौती कैसी होगी, यह तय नहीं होता। ऐसे में सुरक्षा में कोई कोताही न हो, यह हमारी प्राथमिकता में रहता है।'

भारत-चीन से सटी सीमा पर सेना की नई यूनिट की तैनाती के चलते गोला-बारूद और छोटे हथियारों की आपूर्ति पर्याप्त नहीं बताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो सेना के पास छोटे हथियारों और गोला-बारूद की भारी कमी है, जिसे सेना जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि आपात स्थिति में मौजूदा हथियार शायद चार दिन भी न चल पाएं।


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