खतरे में बिहार का महागठबंधन, एक मंच पर नहीं आए नीतीश और तेजस्वी

Edited by: Ankur_maurya Updated: 15 Jul 2017 | 03:54 PM
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नई दिल्ली। बिहार का महागठबंधन मुश्किलों में नज़र आ रहा है। शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव नहीं पहुंचे। यहां तक की मंच पर नीतीश के ठीक पास लगी उनकी नेम प्लेट भी ढक दी गई। तेजस्वी कुछ दिनों पहले ही कैबिनेट बैठक में आए थे लेकिन आज के कार्यक्रम में उनकी गैरमौजूदगी काफी कुछ कह गई।

तेजस्वी को लेकर सरकार, मंत्रालय और अधिकारी भी असमंजस में थे। इस सरकारी कार्यक्रम में तेजस्वी का नेमप्लेट तो लगा था, लेकिन पहले अधिकारियों ने इसे आधा ढक कर रखा और जैसे ही नीतीश पहुंचे, तेजस्वी के ना आने का संकेत मिला अधिकारियों ने तेजस्वी के नेमप्लेट को हटा दिया।

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वहीं जब लालू यादव ने जेडीयू के दबाव के सामने सरेंडर से इनकार करते हुए कह दिया की बेटा तेजस्वी इस्तीफा नहीं देगा, लेकिन शनिवार को जेडीयू ने लालू को नीतीश की नैतिकता का पाठ पढ़ा दिया। पार्टी नेता केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश ने नैतिकता का उच्च मापदंड स्थापित किया है और खुद पहले ऐसे मामलों में इस्तीफा दे चुके हैं। यानी तेजस्वी के लिए इशारा साफ है।

इस बयानजारी का असर नीतीश के मंच पर भी दिखा। आरजेडी और जेडीयू के मंत्रियों के बीच में नीतीश को बैठना था, लेकिन अब इसे इत्तेफाक कहें या सोची समझी रणनीती कि नीतीश और आरजेडी के मत्रियों के बीच जेडीयू के मंत्री ललन सिंह बैठ गए। इशारे साफ हैं कि बिहार में महागठबंधन में गांठ हर दिन बढ़ती जा रही है।