बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में होगा राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-11-22 22:39:45
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में होगा राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

झाँसी। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में 22 नवम्बर से 24 नवम्बर 2016 तक प्री-कैम्ब्रियन्स ऑफ इण्डिया विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के भूगर्भ संस्थान तथा सोसायटी ऑफ अर्थ साईटिंस्ट के तत्वाधान में हो रहा है।

संगोष्ठी के संयोजक डा.एस.सी त्रिपाठी व प्रो. एस.पी सिंह तथा महासचिव प्रो.एम.ई.ए मण्डल ने जानकारी दी कि पृथ्वी का निर्माण लगभग 560 करेाड़ वर्ष पूर्व प्रारम्भ हुआ था। इस समयकाल को प्री-कैम्ब्रियन महाकल्प कहा जाता है। इस महाकल्प में हुई भू परिवर्तनों का अत्याधिक महत्व है क्योंकि इसी महाकल्प में विभिन्न खनिजों तथा घातुओं यथा सोना, चांदी, लोहा, जिंक, मैगनीज, प्लेटिनम, यूरेनियम आदि का निर्माण हुआ था।

उन्होने बताया कि इस महाकल्प में पृथ्वी पर समुद्र का स्वरूप आज जैसा नहीं था। पृथ्वी के वायुमण्डल में आक्सीजन की मात्रा काफी कम थी तथा समुद्र का तापमान काफी अधिक था। उस समय भारतीय उपमहाद्वीप कई छोटे-छोटे खण्डों में विभाजित था प्लेटों की गति के कारण आज के वर्तमान भारतीय उपमहाद्वीप का निर्माण हुआ।

उन्होंने बताया कि विगत तीन दशकों से भारतीय भू-वैज्ञानिक निरन्तर प्री-कैम्ब्रियन के दौरान हुई भू वैज्ञानिक हलचलों पर शोध कार्य कर रहे है। संगोष्ठी में देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा शोध प्रयेागशालाओं से 120 भू-वैज्ञानिकों के भाग लेने के लिए स्वीकृति प्रदान कर चुके हैं।

प्रो.सिंह ने जानकारी दी कि संगोष्ठी के साथ ही भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा एक प्रदर्शनी का भी आयेाजन किया जा रहा है जिसमें परमाणु खनिजों के निकालनें में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों तथा उपस्करों को प्रदर्शित किया जायेगा। प्रदर्शनी में परमाणु खनिजों को भी प्रदर्शित किया जायेगा।


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