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कैग रिपोर्ट: उत्तराखंड की सरकारी योजनाओं में निकली कई गड़बड़ियां

Edited By: Editor
Updated On : 2016-11-21 17:08:58
कैग रिपोर्ट: उत्तराखंड की सरकारी योजनाओं में निकली कई गड़बड़ियां
कैग रिपोर्ट: उत्तराखंड की सरकारी योजनाओं में निकली कई गड़बड़ियां

देहरादून। उत्तराखंड की सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालन में कई गंभीर गड़बड़ियां पकड़ी गई हैं। यह गैरसैंण सत्र के सदन पटल पर रखी गई रिपोर्ट में खुलासा हुआ। कैग ने छात्रों को परोसे जाने वाले मिड डे मील की गुणवत्ता में कई खामियां पकड़ी हैं। भोजन में बच्चों को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध नहीं कराए जाने पर कई सवाल उठाए गए हैं।

कैग की रिपोर्ट के मुताबिक रसोई गैस संयोजन न होने के बावजूद कई स्कूलों के लिए लाखों रुपए जारी कर दिए गए। रिपोर्ट के मुताबिक दून, ऊधमसिंह नगर और अल्मोड़ा के 16 स्कूलों में चावल के 50 किलो के बोरों का जब वजन कराया गया, तो उसमें पांच से दस किलो चावल कम मिले।

रिपोर्ट के मुताबिक स्कूलों में भोजनालय सह भंडारण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से समय पर धनराशि जारी करने के बावजूद अधिकतर भोजनालय समय पर बनकर तैयार ही नहीं हैं। 2010-15 के बीच केंद्र ने भोजनालय सह भंडार के निर्माण के लिए 143.60 करोड़ और रसोई गैस उपकरणों के क्रय के लिए 8.06 करोड़ की सहायता दी। इसमें राज्यांश को शामिल कर 10948 भोजनालय सह भंडार के निर्माण के लिए जिलों को 159.96 करोड़ जारी किए गए, पर जांच में पाया गया कि मात्र 9.40 फ़ीसदी भोजनालय ही समय से पूरे हो पाए।

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कैग की रिपोर्ट के हिसाब से कृषि विभाग कृषि योजनाएं तैयार करने में 21 से 31 माह की देरी हुई। डीपीआर तैयार किए बिना ही 56 प्रोजेक्टों का अनुमोदन ले लिया गया। करोड़ों रुपए की छह परियोजनाओं के लिए अनुमोदन तक नहीं लिया गया। रिपोर्ट बताती है कि सरकारों ने हेलीकॉप्टर खरीद, हेलीपैडों और हवाईपट्टियों निर्माण एवं सुधार के नाम पर करोड़ों रुपए फूंक डाले।

 


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