कैनाल निर्माण रोकने पहुंचे चीनी सैनिक, भारतीय सेना ने मार भगाया

Edited by: Editor Updated: 03 Nov 2016 | 09:48 PM
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नई दिल्ली। चीन और भारतीय सैनिकों के बीच लद्दाख की बर्फीली ऊंचाइयों पर बुधवार से गतिरोध कायम है। इसके पहले पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान उस क्षेत्र में घुस गए जहां मनरेगा योजना के तहत सिंचाई नहर का निर्माण किया जा रहा था और उन्होंने कार्य को रोक दिया।

यह घटना बुधवार दोपहर देमचोक सेक्टर में हुई जो लेह से करीब 250 किलोमीटर पूर्व में है। वहां महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत एक गांव को ‘हॉट स्प्रिंग’ से जोड़ने के लिए काम चल रहा था।

सूत्रों ने बताया कि करीब 55 चीनी सैनिक वहां पहुंचे और आक्रामक तरीके से काम रोक दिया। इसके बाद सेना तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान वहां पहुंचे और उन्होंने चीनी सैनिकों की ज्यादती को रोका।

चीनी सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चले गए और इस तर्क पर काम को रोकने की मांग की कि दोनों पक्षों को कोई कार्य शुरू करने के पहले अनुमति लेने की आवश्यकता है।

भारतीय पक्ष ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार निर्माण के संबंध में जानकारी साझा तभी किए जाने की जरूरत है जब यह रक्षा उद्देश्यों के लिए हो।

सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने बैनर निकाल लिये है और वे वहां डटे हुए हैं। सेना तथा आईटीबीपी के जवान चीनी सैनिकों को एक इंच आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं जबकि पीएलए का दावा है कि यह क्षेत्र चीन का है।

इस क्षेत्र में 2014 में भी ऐसी ही घटना हुयी थी जब मनरेगा योजना के तहत निलुंग नाला पर सिंचाई नहर बनाने का फैसला किया गया था। वह चीन के साथ विवादित स्थान रहा है।