भारतीय बाजारों से गायब हुई देवी-देवताओं की चीनी मूर्तियां

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-23 19:19:31
भारतीय बाजारों से गायब हुई देवी-देवताओं की चीनी मूर्तियां

नई दिल्ली। इस बार दिवाली में 'चीन निर्मित देवी-देवताओं की मूर्तियां कम नज़र आ रहीं हैं, कारण साफ है। पूरा देश चीनी सामानों का बहिष्कार कर रहा है। यानी इस बार जब आप दिवाली की खरीदारी के लिए बाजार में निकलेंगे, तो चीन निर्मित देवी देवताओं की मूर्तियों के बजाय भारतीय मूर्तिकारों द्वारा बनीं मूर्तियां ज्यादा दिखाई देंगी।

हालांकि सस्ती होने के कारण लोग बाग चीनी मूर्तियों की तरफ अधिक आकर्षित होते हैं, लेकिन इस बार माहौल बदला हुआ है और भारतीयों ने मूर्तियों को टाटा-टाटा बाय-बाय कह दिया है। कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के अभियान का असर इस दिवाली में काफी देखने को मिल रहा है। लोगों की रुचि भी भारतीय उत्पादों में देखने को मिल रही है।

रिपोर्ट कहती है कि आतंकवाद के मसले पर चीन का दोहरे रवैये से भारतीय नागरिक नाराज हैं और इसी नाराज़गी की वजह है कि लोगों ने चीनी सामानों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। चीनी सामानों के विरोध के चलते स्वदेशी सामान लोगों की पहली पसंद बन गई है। यही कारण है कि चीन निर्मित देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ चीन निर्मित पटाखे, लाइट्स और एलईडी बल्ब का भी बहिष्कार किया जा रहा है।

गौरतलब है चीन निर्मित चीजें सस्ती और आकर्षित होती हैं। यही कारण था कि भारतीय बाजारों में चीनी मूर्तियों ने अच्छी जगह बना ली, लेकिन इस बार भारतीय नागरिकों के मूड को भांपते हुए दुकानदारों ने चीन निर्मित सामानों का आयात कम किया है।