विभागीय अधिकारियों को कार्यशैली दुरुस्त करने की DM ने दी हिदायत

Edited by: Editor Updated: 13 Jul 2017 | 04:41 PM
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बांदा। डीएम के सख्त तेवरों से लापरवाहों की कलई खुलती जा रही है। तमाम चेतावनी के बावजूद सुधार न होने पर अब वह कार्रवाई का शिकार भी बनने लगे हैं। हालांकि डीएम द्वारा 15 जुलाई तक सभी को कार्यशैली दुरुस्त करने की हिदायत दी गई है। 15 जुलाई के बाद अधिकारियों के बाद वह खुद निरीक्षण करेंगे और लापरवाही करने वाले विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई का पाठ भी पढ़ाएंगे।

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बता दें कि नए जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सह ने आते ही शिकायतों के निस्तारण की जहां हाईटेक व्यवस्था कर दी है। वहीं हर अधिकारी को प्रतिदिन एक विद्यालय का निरीक्षण करने के भी आदेश जारी कर दिए थे। लेखपाल से लेकर जिलास्तरीय अधिकारियों को पूरी तरह से चलायमान कर दिया है। लेखपाल को जहां तहसीलों के बजाय कार्यक्षेत्र वाले गांव में रहने के आदेश दिए गए हैं। वहीं विभागीय अधिकारियों को भी प्रतिदिन निरीक्षण कर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए हैं। इसी के चलते पहले ही दिन 4 जुलाई को विद्यालयों के निरीक्षण में सात शिक्षकों को निलंबित किया गया था।

वहीं एक दर्जन से अधिक कार्रवाई के लपेटे में आ गए थे तब से अधिकारी लगातार निरीक्षण कर जिम्मेदारों की जिम्मेदारी का आंकलन करने में जुटे हुए हैं। बुधवार को भी बबेरू एसडीएम के निरीक्षण में कमासिन के विपणन निरीक्षक पंकज कुमार नदारद मिले। वहीं गोदाम भी बंद मिला। बस जैसे ही रिपोर्ट डीएम को मिली तो उन्होंने जिला खाद्य विपणन अधिकारी को वेतन रोकने व स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। जिस पर जिला विपणन अधिकारी ने निरीक्षक पर कार्रवाई करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। बुधवार को सदर एसडीएम प्रहलाद सह ने कई स्कूलों का निरीक्षण किया। उन्होंने बोधीपुरवा प्राइमरी व जूनियर विद्यालयों का निरीक्षण किया।

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विद्यालय में कई कमियों के साथ पढ़ाई का स्तर कमजोर दिखा। उन्होंने इसी गांव के कोटेदार की दुकान का भी निरीक्षण किया। जिसकी लिखा पढ़ी अस्तव्यस्त पाए जाने पर जांच शुरू कर दी गई है। इसी तरह सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ ने गन हाउसों का निरीक्षण कर लेखाजोखा देखा। इसके अलावा अन्य अधिकारी भी निरीक्षण में जुटे रहे।