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कॉलेज में नहीं था टीचर, बेटियों का भविष्य संवारने DM की पत्नी बन गई शिक्षक

Edited By: Ankur Maurya
Updated On : 2017-07-12 21:34:00
कॉलेज में नहीं था टीचर, बेटियों का भविष्य संवारने DM की पत्नी बन गई शिक्षक via
कॉलेज में नहीं था टीचर, बेटियों का भविष्य संवारने DM की पत्नी बन गई शिक्षक

नई दिल्ली। प्रशासनिक अफसर तो देश में हजारों हैं। कई आते हैं और चले जाते हैं, मगर उनका नाम तक नहीं याद रहता। वहीं कुछ अफसर अपने काम से लोगों के दिलों पर छा जाते हैं। ऐसे कई अफसरों को आप जानते होंगे। अब आपको मिलवाते हैं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल से, जिन्होंने कुछ ऐसा किया है जो बेहद खास है।

आप को बता दें कि मंगेश कुछ दिनों पहले एक रूटीन चेक के लिए रुद्रप्रयाग के राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज गए थे। वहां जाने पर उन्हें पता चला कि स्कूल में साइंस का कोई टीचर ही नहीं है। उन्होंने तुरंत इसका समाधान निकाला और अपनी पत्नी ऊषा घिल्डियाल से स्कूल में किसी शिक्षक की तैनाती होने तक पढ़ाने को कहा, पत्नी भी मान गईं और स्कूल की छात्राओं को उनकी साइंस की टीचर मिल गई। मंगेश की पत्नी ऊषा घिल्डियाल ने खुद पंतनगर यूनिवर्सिटी से प्लांट पैथलॉजी में पीएचडी किया है।

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इस बारे में मंगेश से बात करने पर उन्होंने बताया कि मैं रूटीन चेक पर जीजीआईसी गया हुआ था, वहां जाने पर पता चला कि छात्राओं को पढ़ाने के लिए कॉलेज में साइंस के टीचर नहीं हैं। मैंने पत्नी से बात की और चूंकि इन दिनों वह घर पर ही हैं, तो वह भी तैयार हो गईं। कॉलेज के प्रिंसिपल से जब इस बारे में बात की, तो उन्हें भी कोई आपत्ति नहीं थी और उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया। मंगेश ने बताया कि शासन स्तर पर टीचर की भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। तब तक मेरी पत्नी अवैतनिक रूप से वहां अपनी सेवाएं दे देंगी।

2011 बैच के IAS अफसर मंगेश ने UPSC की परीक्षा में पूरे देश में चौथी रैंक हासिल की थी। मंगेश ने हमेशा ही अपनी एक अलग छाप छोड़ी है। मई में जब उनका बागेश्वर जिले से ट्रांसफर हो रहा था, तो वहां के लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए और जगह-जगह भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे।


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