क्या केदारनाथ आकर मोदी ने खेला सियासी खेल ?

Edited by: Ankur_maurya Updated: 20 Oct 2017 | 09:50 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ को भव्य और दिव्य बनाने का ऐलान कर दिया है। 6 महीने में दूसरी बार केदार के दर पर पंहुचे। मोदी ने आपदा पुर्ननिर्माण के तहत 5 विकास योजनाओं का शिलान्यास करके उत्तराखंड में विकास का नया बही खाता खोलने का भी ऐलान किया, लेकिन विपक्ष को लगता है कि सूबे की उन्नति की ओट में प्रधानमंत्री सियासत का खेल खेल गए।

पीएम मोदी के लिए केदारधाम आस्था का वो केंद्र है जहां से पीएम को कुछ नया करने की शक्ति मिलती है। पीएम की शिवभक्ति किसी से छिपी नहीं है। करीब 20 मिनट तक पीएम मोदी बाबा केदार के दर पर रहे मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक किया गया। पीएम मोदी ने जमीन पर बैठकर शिव साधना की। हिमालय की गोद में भगवान शिव की भक्ति ही पीएम मोदी को देश के लिए कुछ करने की शक्ति देती है।

पीएम मोदी ने अपने केदार दौरे पर उत्तराखंड वासियों के लिए सौगातों की बारिश कर दी। उन्होने केदारनाथ में आपदा पुर्ननिर्माण कार्यो के तहत 5 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया। जिसमें तीर्थ पुरोहितों के आवास, मंदाकिनी नदी पर घाट, सरस्वती नदी की सुरक्षा दीवार, केदारनाथ मार्ग के चौड़ीकरण शामिल हैं। इस मौके पर पीएम मोदी ने जनसभा को भी संबोधित भी किया। उन्होने कहा कि सबके साथ मिलकर केदारनाथ को इस कदर भव्य बनाया जाएगा कि लोग भूल जाएंगे कि कभी भोले के इस धाम में आपदा आई होगी।

शिवमयी माहौल के बीच मोदी ने सियासी तड़का लगाने से भी परहेज नहीं किया। पीएम ने कहा कि जब 2013 में केदारनाथ में जलप्रलय आई थी तब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने केदारनाथ पुनर् उद्धार के उनके आफर को ठुकरा दिया था। उन्होने कहा कि दिल्ली में बैठे कांग्रेस आलाकमान को डर था कि गुजरात का आदमी केदारनाथ का कायाकल्प कर देगा।

इधर पीएम ने वार किया तो उधर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नरेंद्र मोदी के सियासी तडके का जवाब देने में देर नहीं लगाई। रावत ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने बाबा के धाम का राजनीतिकरण करते हुए वहां राजनैतिक भाषण दिया है। रावत ने चुटकी लेते हुए कहा कि मोदी को तो शिकायत अपने बगलगीर विजय बहुगुणा से होनी चाहिए कांग्रेस से नहीं क्योंकि उस वक्त मुख्यमंत्री वही थे।