दिवाली पूजन: इस विधि से करें मां लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा, मिलेगा दोगुना लाभ

Edited by: Shivani Updated: 19 Oct 2017 | 09:39 AM
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नई दिल्ली। दिवाली के मौके पर मां लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा का महत्व है। यदि इनकी पूजा खास नियम के तहत की जाएं, तो मनुष्य को विशेष कृपा प्राप्त होती है। मां लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा में इन बातों का रखे खास ख्याल-

दिवाली के अवसर पर मूर्ती पूजा के लिए सबसे पहले एक साफ स्वच्छ चौकी पर लाल या पील कपड़ा बिछाकर उस पर पूर्व या पश्चिम दिशा में लक्ष्मी-गणेश की नई मूर्ती की स्थापना करनी चाहिए। मां लक्ष्मी को गणेश भगवान के दाहिनी ओर स्थापित करना चाहिए।

इसके बाद लक्ष्मी मां के पास चावल रखे। इन चावल पर एक कलश की स्थापना करें। कलश के ऊपर लाल कपड़े में नारियल को लपेटकर रखें। नारियल इस प्रकार रखे कि उसका आगे का भाग दिखाई दे। कलश के पास एक तेल व एक घी का बड़ा दीपक रखे।

एक दीपक चौकी के दाईं ओर रखें और दूसरा मूर्तियों के चरणों में। इसके साथ ही एक दीपक गणेश जी के पास रखें। इस चौकी के सामने एक ओर चौकी की स्थापना करे और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं। कलश की ओर एक मुट्ठी चावल से लाल वस्त्र पर नवग्रह के प्रतीक बनाएं।

गणेशजी की ओर चावल की सोलह प्रतीक बनाएं, जिन्हें मातृका का प्रतीक माना जाता हैं। नवग्रह और षोडश मातृका के बीच स्वस्तिक का चिह्न बनाएं। अब इसके बीच में सुपारी रखें। छोटी चौकी के सामने तीन थाली और जल भरकर कलश रखें।

पूजा की इस थाली में ग्यारह दीपक, खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप, सिन्दूर, कुंकुम, सुपारी, पान, फूल, दुर्वा, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी-चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती और एक दीपक रखे।