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कश्मीर में बाढ़ आने पर जान बचाते हैं और फिर पत्थर खाते हैं हमारे फौजी: मोदी

Edited By: Shiwani Singh
Updated On : 2017-04-21 12:08:45
कश्मीर में बाढ़ आने पर जान बचाते हैं और फिर पत्थर खाते हैं हमारे फौजी: मोदी
कश्मीर में बाढ़ आने पर जान बचाते हैं और फिर पत्थर खाते हैं हमारे फौजी: मोदी

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने 11वें सिविल सर्विस डे पर अधिकारियों को संबोधित किया। इस मौके पर कश्मीर को लेकर पीएम ने बड़ा बयान दिया। पीएम मोदी ने कहा, हमारे फौजी कश्मीर में बाढ़ आने पर लोगों की जान बचाते हैं, लोग उनके लिए तालियां बजाते हैं, लेकिन बाद में हमारे फौजी पत्थर भी खाते हैं। मोदी ने कहा कि सभी को आत्मचिंतन करना चाहिए, इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतनी चाहिए।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अफसरों को शक्ति का एहसास होना चाहिए। अफसरों की चुनौतियां अब और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि 20 साल पहले की परिस्थितियों और अब की परिस्थितियों में बहुत बदलाव हो चुका है। पीएम ने कहा, अब लोग प्राइवेट अस्पताल से सरकारी अस्पताल की तुलना करते हैं। ये कॉम्पटीशन का दौर है, इसलिए आज की चुनौती बढ़ गई हैं। अगर हम काम करने का तरीका बदलेंगे तो चुनौतियों के अवसर में बदलाव आएगा।

मोदी ने कहा कि मैं चाहता हूं कि अगले एक साल में काम की क्वालिटी में बदलाव होना चाहिए, सिर्फ सर्वश्रेष्ठ होने से काम नहीं चलता है। अगर सर्वश्रेष्ठ होने का ठप्पा आप पर लगा है तो उसे आदत बनाना जरुरी है। मोदी ने कहा कि अफसरों को गृहणियों से काफी कुछ सीखने की जरुरत है, वह किस तरह परेशानियों के बावजूद सभी चीजों को मैनेज करती है।

गृहणियों से सीखने की जरूरत है
मोदी ने कहा, गृहिणी परिवार को नई ऊंचाई पर ले जाती है, वहीं जिम्मेदारी आपकी भी है। पीएम ने कहा कि वरियता क्रम का बोझ अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है, हमें अपने अनुभव को बोझ नहीं बनने देना चाहिए।मोदी ने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि जहां मैंने काम किया कि उस काम को मेरे जूनियर ने आगे बढ़ाया। मोदी बोले कि हम सभी एक साथ मिलकर काम करना होगा।

सोशल मीडिया की ताकत को जाने
पीएम मोदी ने कहा कि मैं सोशल मीडिया की ताकत को जानता हूं, सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरुक किया जा सकता है। जिला लेवल के अफसर भी इसका फायदा उठा सकते हैं, वह अफसर इसका फायदा भी उठा रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि अगर मैं भी आपकी तरह अफसर होता तो आज सचिव के पद पर होता, 16 साल की नौकरी के बाद आपके बराबर पहुंच पाता। 

मोदी ने कहा कि अफसरों की काफी ताकत है, आपके साइन बहुत कुछ बदलता है। उन्होंने कहा कि देश की शासन व्यवस्था अफसरों की ऊंगलियों पर मौजूद है। आपको अभाव के बीच भी रास्ते खोजने होंगे। मोदी ने कहा कि अफसरों को अपने हर निर्णय को राष्ट्रहित के तराजू में तौलना चाहिए। 

प्रगति कार्यक्रम की वजह से कई मामलों को निपटाया, देश में एक ऐसा प्रधानमंत्री आया कि टेक्नॉलाजी का इस्तेमाल करता है इससे मुझे खुशी नहीं मिलती है, प्रगति के काम के लिए मोदी की जयकार ठीक नहीं। प्रगति के जरिये हमनें 15-20 सालों से अटकी पड़ी कई परियोजनाओं को एक दिन में बैठक कर उसे सुलझाया। सरकार के दो विभागों को कोर्ट में झगड़ा नहीं करना चाहिए।

मोदी ने कहा कि एक अफसर अगर फाइल में कुछ गलत लिख दे, तो मामला कोर्ट में चला जाता है और वर्षों तक मामला अटक जाता है। मोदी ने कहा कि इन छोटी वजहों से कई काम अटकते हैं। मैं हमेशा ही ईमानदार अफसरों के साथ हूं।

मोदी ने कहा कि सरकार आती जाती रहेगी, लेकिन व्यवस्था वहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हमनें बजट के साथ आउटकम डॉक्यूमेंट भी लाये, ये पहली बार हुआ है। आउटपुट सीएजी के लिए अच्छा, लेकिन आउटलुक सीएजी प्लस से भी अच्छा। मोदी ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद ये पहली बार हुआ कि बजट 1 फरवरी को पेश हुआ और 1 अप्रैल तक उसकी सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है।

 


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