EPFO ने UP समेत 7 प्रदेशों की वेबसाइट की बंद, भविष्य निधि पर ब्याज दर भी बरकरार

Edited by: Priyanka Updated: 13 Feb 2018 | 01:21 PM
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नई दिल्ली। पीएफ अंशधारकों के लिए बुरी ख़बर आई है। बीते दो दशक से अंशधारकों के 7 नियोजकों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) यूपी की वेबसाइट सेवाएं दे रही थी। इससे नियोजकों को चालान जमा करने का फायदा मिलता था। साथ ही अंशधारक रिटायरमेंट के समय फार्म 19, एडवांस के लिए फार्म 31 और असामायिक मौत पर फार्म 20 के साथ 10 डी, सी डाउनलोड कर लेते थे, लेकिन अब ईपीएफओ ने यूपी समेत 7 प्रदेशों की वेबसाइट बंद कर दी है, जिससे कि अब पीएफ अंशधारकों को इस वेबसाइट पर कंपनियों का ब्योरा नहीं मिल सकेगा। 

इसके अलावा अब वेबसाइट पर शिकायतें और क्लेम फॉर्म भी डाउनलोड नहीं हो सकेंगे। साथ ही डिफाल्टर कंपनियों का ब्योरा भी वेबसाइट पर अब उपलब्ध नहीं हो सकेगा। ऐसे में अब क्षेत्रीय दफ्तर में ही जाकर पीएफ से संबंधित सभी तरह की जानकारियां पता करनी पड़ेगी। ईपीएफओ बोर्ड सदस्य सुखदेव प्रसाद मिश्र का कहना है कि राज्यों की वेबसाइट बंद होने से अंशधारकों कई तरह की जानकारी अब नहीं मिल पाएगी।

यूपी के साथ मध्यप्रदेश, बिहार, उडीसा, हरियाणा, पंजाब की वेबसाइट बंद की गई हैं। मुख्यालय की मुख्य वेबसाइट से ही अंशधारकों को जानकारी मिलेगी। वेबसाइट फिर से शुरू करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।

इसके इतर ईपीएफओ अपने करीब 5 करोड़ अंशधारकों के लिए 2017-18 को लेकर भविष्य निधि पर ब्याज दर 8.65 प्रतिशत पर बरकरार रख सकता है। न्यासी बोर्ड की बैठक 21 फरवरी 2018 को होने वाली है। ईपीएफओ ने चालू वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर 8.65 प्रतिशत बनाए रखने के लिए अंतर को पूरा करने को लेकर इस महीने की शुरूआत में 2,886 करोड़ रुपए मूल्य के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड बेच दिया है।

सूत्रों के अनुसार ईपीएफओ ने 1,054 करोड़ रुपए पर 16 प्रतिशत रिटर्न कमाया है। ये चालू वित्त वर्ष के लिए अंशधारकों को 8.65 प्रतिशत ब्याज देने के लिए पर्याप्त है। चालू वित्त वर्ष के लिए आय अनुमान को न्यासियों के एजेंडे में वितरित नहीं किया गया है और इसे बैठक के दौरान रखा जाएगा। उसने कहा कि ईपीएफओ द्वारा चालू वित्त वर्ष के लिए आय अनुमान के बाद ईटीएफ बेचने का फैसला किया गया है।

ईपीएफओ अगस्त 2015 से ईटीएफ में निवेश कर रहा है और अबतक ईटीएफ निवेश का लाभ नहीं उठाया। ईपीएफओ ने अब तक ईटीएफ में 44,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है। न्यासियों की बैठक के एजेंडे में चालू वित्त वर्ष के लिए ईपीएफ जमा पर ब्याज दर निर्धारण का प्रस्ताव भी शामिल हैं।