अर्थशास्त्र नोबेल 2017: इसलिए चुना गया रघुराम राजन का नाम

Edited by: Shivani Updated: 08 Oct 2017 | 11:38 AM
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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को इस साल का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा सकता है। इस पुरस्कार के लिए क्लैरिवेट एनालिटिक्स ने छह लोगों के नाम की सूची बनाई है, जिसमें राजन का नाम भी शामिल है। इस पुरस्कार के नाम की घोषणा सोमवार को कर दी जाएगी।

बता दें कि कॉर्पोरेट फाइनेंस के क्षेत्र में किए गए काम के लिए राजन का नाम शामिल किया गया है। माना जाता है कि राजन ने वर्ष 2008 में आई अमेरिका में मंदी की भविष्यवाणी बहुत पहले ही कर दी थी। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा था। राजन ने साल 2005 में अमेरिका में अर्थशास्त्री और बैंकरों की प्रतिष्ठित वाषिर्षक सभा में शोध पत्र पढ़ने के दौरान यह अनुमान जताया था।

इस अनुमान के साथ ही राजन का काफी मजाक भी बनाया गया था, लेकिन तीन साल बाद उनकी यह भविष्यवाणी सही निकली थी। अपने शोध पत्र के द्वारा राजन ने कहा था कि वित्तीय बाजार विकसित होकर अधिक जटिल और कम सुरक्षित हो गए हैं।

इसके साथ ही राजन भारत सरकार द्वारा की गई नोटबंदी की भी आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि लंबे समय में तो नोटबंदी के फायदे होंगे, लेकिन अल्पकाल में इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। यदि आज के समय की बात करें तो, डगमगाती अर्थव्यवस्था का एक कारण नोटबंदी को भी माना जा रहा है यानि राजन का कहना कही न कही सही था। सोमवार में नोबेल पुरस्कार के विजेता के नाम की घोषणा की जाएगी।