सेना अत्यंत सामर्थ्यवान हो और हमारा देश शक्तिमान हो: पीएम मोदी

Edited by: Editor Updated: 09 Oct 2016 | 04:33 PM
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नई दिल्ली। मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वो कहते थे कि राष्ट्र में जो सेना है वो सेना अत्यंत सामर्थ्यवान होनी चाहिए तब जाकर राष्ट्र सामर्थ्यवान बनता है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने सुना है कि गुजरात में जनसंघ का मजाक उड़ाते हुए कहते थे कि दीवार पर दीपक बनाने से क्या जीत जाओगे। यह पंडित जी का ही विश्वास था कि आज हमारी विचार यात्रा यहां पहुंची है। पीएम मोदी ने कहा कि सेना अत्यंत सामर्थ्यवान हो और हमारा देश शक्तिमान हो। सामर्थ्यवान भारत समय की मांग है।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि सुदर्शन चक्रधारी मोहन से चरखा धारी मोहन तक जो हम सुनते आए हैं पंडित जी ने उसे आधुनिक अर्थों में प्रस्तुत किया है। मैं चाहूंगा कि हिंदुस्तान का विश्लेषक वर्ग राज्यों की सरकारों को कसौटी को परखे। मुझे विश्वास है कि पंडित दीनदयाल ने जिस दल को सींचा है वह खरा उतरेगा।

15 संस्करण वाले 'द कम्प्लीट वर्क्स ऑफ दीनदयाल उपाध्याय' संग्रह में उपाध्याय के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं और 1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध, ताशकंद समझौता और गोवा की मुक्ति जैसी अहम घटनाओं समेत देश और जन संघ की यात्रा को रेखांकित किया गया है। इसके अंतिम में पहले वाले संस्करण में उपाध्याय के 1967 में जनसंघ प्रमुख बनने के तुरंत बाद उनकी हत्या संबंधी घटनाओं का भी जिक्र किया गया है।