FILM REVIEW: दाऊद के बाद जेब पर डाका डालने आ गई है 'हसीना पारकर'

Edited by: PoojaDevi Updated: 22 Sep 2017 | 05:19 PM
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मुंबई। बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के ऊपर तो कई फिल्में बनी हैं, लेकिन ये पहली बार है जब दाऊद की बहन हसीना पारकर पर कोई फिल्म बनी हो। ऐसे में हर किसी के मन में ये सवाल उठना लाजमी है कि हसीना की जिंदगी कैसी रही होगी। फिल्म हसीना के जीवन पर बनी है, ऐसे में ये पूरी तरह से साफ है कि फिल्म को हसीना के नजरिए से दर्शाया गया हो, लेकिन अगर ये अन्य पक्षों को भी दिखाती तो अच्छा रहता।

दरअसल, इस फिल्म में ऐसा दिखाया गया है जैसे पुलिस ने हसीना पर बहुत ज्यादिति की है और उसे हर बार सिर्फ इसलिए परेशान किया गया क्योंकि वो अंडरवर्ल्ड डॉन की बहन है। कोर्ट में भी ऐसी बचकानी बहस चलती है, जिसे झेलना मुश्किल हो जाता है।

फिल्म पहले हाफ तक तो देखने जा सकती है, लेकिन दूसरे हाफ में फिल्म को देखना बहुत मुश्किल हो जाता है। हसीना के रोल में श्रद्धा कपूर बहुत बनावटी लगी है। उन्होंने अपनी बॉड़ी लैंग्वेज भले ही हसीना जैसी बनाई हो, लेकिन जैसे ही वो बोलती हैं, वैसे ही असलियत बाहर आ जाती है।

फिल्म की कहानी एक बायोपिक थी। इसे और अच्छे से फिल्माया जा सकता था, लेकिन निर्देशक अपूर्वा लखिया चूक गए। फिल्म में दाऊद का किरदार श्रद्धा के भाई सिद्धांत कपूर ने निभाया है। पहले भी कई मंझे हुए कलाकार दाऊद का किरदार निभा चुके हैं, जो दर्शकों द्वारा काफी पसंद भी किए गए हैं। सिद्धांत भी इस दमदार किरदार को निभाकर अपनी जगह बॉलीवुड में पक्की कर सकते थे, लेकिन वो चूक गए। इनके अलावा हसीना के पति की भूमिका ने राहुल भाटिया ने अच्छा काम किया है। बड़े सितारों के बीच वो दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब रहे हैं।

कुल मिलाकर कहा जाए तो जो श्रद्धा कपूर के फैंस हैं वो तो शायद एक बार इस फिल्म को देख भी लें, लेकिन जो श्रद्धा के फैन नहीं हैं, वो इस फिल्म को देखने का रिस्क कभी नहीं लेंगे। इस हफ्ते बॉक्स ऑफिस पर संजय दत्त की भूमि और राजकुमार राव की न्यूटन रिलीज हुई है। हालांकि, भूमि को दर्शकों का कोई खास रिस्पांस नहीं मिला है, लेकिन एक बेहतरीन फिल्म देखने की चाह रखने वालों के लिए न्यूटन अच्छा विकल्प है, जो ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेटेड हो चुकी है।