फेसबुक, वाट्सएप की आदत पहुंचा सकता है उंगलियों को नुकसान

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-13 18:27:49
  फेसबुक, वाट्सएप की आदत पहुंचा सकता है उंगलियों को नुकसान

नई दिल्ली। युवाओं में सोशल नेटवर्किंग साइट्स की लत तेजी से बढ़ रही है, जिनमें फेसबुक और वाट्सएप का उपयोग ज्यादा किया जाता है। क्या आपको पता है लगातार फोन पर ऊंगलिया चलाते रहना खतरनाक हो सकता है। हड्डीरोग विशेषज्ञों कि माने तो इनके बहुत अधिक उपयोग से कलाई और उंगलियों की जोड़ों में दर्द, आर्थराइटिस और रिपिटिटिव स्ट्रेस इंज्युरिज (आरएसआई) की समस्या हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ सालों में युवाओं में फेसबुक और वाट्सएप का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा है। लोग वाट्सएप और फेसबुक पर चैटिंग या मैसेजिंग करने के लिए स्मार्टफोन और टैबलेट का इस्तेमाल करते हैं। लगातार चैटिंग और मैसेजिंग करते रहने की बढ़ती लत के कारण वैसे लोगों की संख्या बढ़ी है, जिन्हें उंगलियों, अंगूठे और हाथों में दर्द की समस्या महसूस हो रही है।

डॉक्टरों के अनुसार इस तरह का दर्द और जकड़न रिपेटिटिव स्ट्रेस इंज्युरिज (आरएसआई) पैदा कर सकती है। आरएसआई एक ही काम को लंबे समय तक बार-बार दोहराए जाने के कारण जोड़ों के लिगामेंट और टेंडन में सूजन (इन्फ्लामेशन) होने के कारण होती है। वहीं जो लोग टच स्क्रीन स्मार्ट फोन और टैबलेट पर बहुत ज्यादा गेम खेलते हैं और टाइप करते हैं, उनकी कलाई और अंगुलियों के जोड़ों में दर्द हो सकता है और कभी-कभी अंगुलियों में गंभीर आर्थराइटिस हो सकती है। गेम खेलने वाले डिवाइस के लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण युवा बच्चों में इस समस्या के होने की अधिक संभावना होती है।”

विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी काम के बार-बार दोहराए जाने के कारण जोड़ें, मांसपेशियां और नसें प्रभावित होती हैं, जिस कारण रिपिटिटिव स्ट्रेस इंजुरी होती है। जो लोग सेल फोन पर अक्सर मैसेज टाइप करने के लिए अपने अंगूठे का उपयोग करते हैं, उनमें कभी-कभी रेडियल स्टिलॉयड टेनोसिनोवाइटिस (डी क्वेरवेन सिंड्रोम, ब्लैकबेरी थंब या टेक्सटिंग थंब के नाम से भी जाना जाने वाला) विकसित हो जाता है।”

इस रोग में अंगूठे को हिलाने-डुलाने में दर्द होता है। हालांकि डेस्कटॉप-कीबोर्ड के लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण दर्द से पीड़ित रोगियों में इसके संबंध की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि डेस्कटॉप कीबोर्ड पर बार-बार टाइप करने पर यह दर्द और बढ़ सकता है। वहीं ज्यादातर लोग टच स्क्रीन का इस्तेमाल गलत तरीके से और गलत पोस्चर में करते हैं।

स्ट्रेस से संबंधित इंजरीज लोगों को तब भी हो सकती है जब वे टाइप करते समय अपनी कलाई पर अधिक प्रेशर डालते हैं या अपने हाथों को बहुत ज्यादा आगे या पीछे की ओर झुकाते हैं, जिससे उनके हाथों पर स्ट्रेस पड़ता है। इसके कारण होने वाली बीमारियों में कार्पेल टनेल सिंड्रोम सबसे सामान्य है। यह कलाई में मीडियन नर्व पर प्रेशर पड़ने के कारण होता है। आपकी गर्दन और इसे सहारा देने वाली सर्वाइकल स्पाइन पर खराब पोस्चर का बहुत प्रभाव पड़ता है, और इससे स्पाइनल कॉर्ड से निकलने वाले नर्व्स पर प्रेशर पर सकता है या ये फैल सकती है।

इससे कुछ हद तक बचा जा सकता है बस आप अपनी गर्दन को एक ही स्थिति में लंबे समय तक न रखें और थोड़ी-थोड़ी देर पर इसे आराम दें। यदि आप गर्दन को जिस स्थिति में रखे हुए हैं, उसमें दर्द, सुन्नपन या झनझनाहट महसूस करते हैं तो उस स्थिति को तुरंत बदलें। जिस स्थिति में अधिक आराम महसूस करते हों, गर्दन को उसी स्थिति में रखें।