फिल्म समीक्षा- बच्चों के साथ बड़ों को भी पसंद आएगी ‘मोटू पतलू’

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-10-16 13:25:19
 फिल्म समीक्षा- बच्चों के साथ बड़ों को भी पसंद आएगी ‘मोटू पतलू’

नई दिल्ली। आपने अक्सर फिल्मों में विलेन को हीरों के हाथों पिटते देखा होगा, लेकिन शुक्रवार को रिलीज हुई ‘मोटू पतलू’ में असली हीरो को विलेन मार देता है और फिर शुरु होती है आगे की कहान। यह फिल्म आपको ‘राउडी राठौड़’ की याद दिलाएगी।

आइए जानते हैं फिल्म की कहानी

इस हफ्ते रिलीज हुई 3-डी एनिमेशन फिल्म ‘मोटू पतलू-किंग ऑफ किंग्स’ में ‘राउडी राठौड़’ जैसी ही कुछ कहानी है। फिल्म में असली हीरो को विलेन ने मार गिराया है और उसके दोस्त उसके हमशक्ल को हीरो बना कर ले आए जिसने विलेन को जम कर मजा चखाता है। फुरफुरी नगर के दमदार मोटू और दिमागदार पतलू के साथ उनके साथी डॉ. झटका और घसीटा राम जैसे किरदार हममें से कितनों के ही बचपन का हिस्सा रहे हैं। इस फिल्म में ये सर्कस से भागे एक शाकाहारी शेर को जंगल पहुंचाते-पहुंचाते ऐसे लोगों से भिड़ जाते हैं जो जंगल को तबाह करना चाहते हैं।

अपने यहां बच्चों को ध्यान में रख कर बनाई जाने वाली इस तरह की एनिमेशन फिल्मों में आमतौर पर मनोरंजन और मैसेज के बीच घालमेल हो जाता है, लेकिन इस फिल्म में इन दोनों तत्वों के बीच काफी अच्छा संतुलन बनाते हुए मनोरंजन को प्रमुखता दी गई है। हंसाते-गुदगुदाते हुए यह फिल्म आपको काफी सारी अच्छी बातें सिखा जाती है। निर्देशक सुहास कदव ने अच्छी कल्पनाशीलता दिखाई है। केतन मेहता की कंपनी माया डिजिटल स्टूडियो ने उम्दा क्वालिटी का एनिमेशन तैयार किया है। बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी पसंद आने का दम है इस फिल्म में।


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