पूर्व चीफ जस्टिस बोले, 'हिंदुत्व छवि के कारण भारत वैश्विक शक्ति नहीं बन सकता'

Edited by: Shivani Updated: 12 Jan 2018 | 02:36 PM
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नई दिल्ली। अयोध्या विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस जे एस खेहर ने शुक्रवार को शांतिपूर्ण समाधान की बात कहीं। उन्होंने कहा कि जब भारत आजाद हुआ तब उसने धर्मनिरपेक्षता का मार्ग चुना, जबकि पाकिस्तान इस्लामिक देश बनकर रह गया। उन्होंने कहा कि अब हम पूर्ण धर्मनिरपेक्षता को भूल गए है।

लाल बहादुर शास्त्री व्याख्यान देते हुए जस्टिस खेहर ने कहा, "देश की आजादी के बाद सबसे बड़ी हिंसा हुई। ऐसी क्रूरता सामने आयी जिसे पीढ़ियां नहीं भूल सकतीं, लेकिन भारत में कुछ अनोखा हुआ। पाकिस्तान इस्लामिक राज्य बना लेकिन भारत ने धर्मनिरपेक्ष रहना पसंद किया।"

उन्होंने कहा कि भारत के नेताओं ने देश में पूर्ण धर्मनिरपेक्षता का मार्ग चुना, लेकिन हम अब 'जैसे को तैसे' पर उतर आए है। जस्टिस खेहर ने कहा कि चीफ जस्टिस रहते उन्होंने अयोध्या विवाद का सौंहार्दपूर्ण हल ढूंढ़ने में मदद की पेशकश थी, लेकिन उनकी अपील के बावजूद भी मुद्दा अटका हुआ है और रोज इस मामले पर नए-नए विवाद खड़े हो रहे हैं।

इसके साथ ही खेहर ने यह भी कहा कि भारत के हिंदुत्व रुख के कारण देश कभी वैश्विक ताकत नहीं बन पाएगा। उन्होंने कहा, "जरा सोचिए, भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और वह वैश्विक ताकत बनना चाह रहा है, अगर आपको वैश्विक ताकत बनना है तो क्या आप आज के विश्व में सांप्रदायिक रह सकते हैं?"

उन्होंने कहा, "अगर आप इस्लामिक विश्व में मुसलमानों को दोस्त बनाना चाहते हैं तो आप मुस्लिम विरोधी नहीं हो सकते। अगर आप ईसाइयों से दोस्ती करना चाहते हैं तो आप ईसाई विरोधी नहीं हो सकते। आजकल जो कुछ हो रहा है, वह इस देश के हित में नहीं है।"