निष्कासन के बाद बोले अमित जोगी, कांग्रेस किसी की बपौती नहीं

Edited by: Editor Updated: 07 Jan 2016 | 10:26 AM
detail image


रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस द्वारा निष्कासित विधायक अमित जोगी ने कहा कि कांग्रेस किसी की बपौती नहीं है। कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई ने अमित को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी की इस कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में जोगी समर्थक अमित के बंगले के बाहर एकत्रित हो गए हैं।
अमित ने निष्कासन के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि कांग्रेस किसी की बपौती नहीं है। वह इस फैसले के खिलाफ एआईसीसी में अपील करेंगे। इसके लिए उनके पास तीन सप्ताह का समय है। कांग्रेस के कुछ विधायक और पूर्व विधायक भी खुलकर जोगी के समर्थन में आ गए हैं।
अमित ने कहा कि वह इस निर्णय से आहत हैं। सामंती और जमींदारी प्रथा के लोगों की जीत हुई है, जबकि दलित, शोषित, पीड़ित आदिवासी हार गया। बिना आरोप जांचे, पुष्टि और प्रमाण के यह निर्णय दोषपूर्ण और अन्यायपूर्ण है। मैं पूरी ताकत से गरीबों की आवाज उठाता रहूंगा।
अमित ने कहा कि हमारे संविधान के अनुसार, मेरे पास अपील करने का अधिकार है। मुझे कांग्रेस हाईकमान, विशेष कर सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर पूरा विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा। पीसीसी का निर्णय नैसर्गिक न्याय के खिलाफ है।
पार्टी की राज्य इकाई की बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने अंतागढ़ टेपकांड मामले में कांग्रेस की छवि खराब होने का जिम्मेदार बताते हुए मरवाही के विधायक अमित जोगी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा की। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और एआईसीसी के सदस्य अजीत जोगी को भी छह साल के लिए निष्कासित करने का प्रस्ताव पारित कर इसे एआईसीसी को भेजने का निर्णय लिया गया है।
निष्कासन की खबर आते ही जोगी समर्थकों में मायूसी छा गई। बड़ी संख्या में समर्थक उनके निवास पर जमा होकर नारेबाजी कर रहे हैं। जबकि अजीत जोगी अस्पताल में भर्ती हैं। उनका ऑपरेशन हुआ है।
पार्टी की प्रदेश इकाई के इस फैसले के विरोध में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व पदाधिकारी ज्ञानेंद्र उपाध्याय और 100 कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने की खबर भी मिली है। निष्कासन के विरोध में कांग्रेस के तीन सदस्यों- जशपुर के पूर्व जिला अध्यक्ष शशि भगत, सफदर हुसैन और अनुज गुप्ता ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।