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3 तलाक के खात्मे से मुस्लिम महिलाओं के आए अच्छे दिन

Edited By: Ankur Maurya
Updated On : 2017-08-22 23:26:02

तीन तलाक की प्रथा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, 5 जजों की बेंच ने 3-2 की मेजॉरिटी से कहा कि तीन असंवैधानिक और गैरकानूनी है। कोर्ट ने कहा कि तीन तलाक कुरान के मूल सिद्धांतों का हिस्सा नहीं है और सरकार इस पर कानून बनाए। अब गेंद मोदी सरकार के पाले में है, उसे 6 महीने में आम राय कायम कर तीन तलाक पर कानून बनाना होगा। बहरहाल सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मुस्लिम महिलाओं में खुशी का माहौल है।

आज मुस्लिम महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान है एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दे रही है, यह इस बात की तस्दीक कर रही है कि अब ये आजाद हैं। उस कुरीति से जिसने सायरा बानो जैसी न जाने कितनी महिलाओं के घर तोड़ दिए न जाने कितनी महिलाओं को बेसहारा बनाकर बीच जिंदगी की मझधार में लाकर छोड़ दिया। कोर्ट के फैसले से आधी आबादी में जश्न का माहौल है और जश्न के शोर के बीच धर्म के ठेकेदारों के विरोध के स्वर भी सुनाई दे रहे हैं।

फैसले से पहले तक ट्रिपल तलाक का समर्थन कर रहे धर्म ठेकेदारों को कोर्ट का फैसला गले नहीं उतर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रिपल तलाक मानवीय अधिकारों का हनन है और असंवैधानिक भी लिहाजा कोर्ट इस पर तत्काल रोक लगाती है और सरकार को निर्देश देती है कि वो 6 महीने के भीतर ट्रिपल तलाक को लेकर कानून बनाए।

शाह बानों केस से लेकर शायर बानों तक देश में बहुत कुछ बदल चुका है। लोग की सोच भी, राजनीतिक समीकरण भी, तब की शाह बानो वाली कांग्रेस से लेकर अब की बीजेपी तक सब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत कर रहे हैं।

बीते साल से ट्रिपल तलाक में राजनीति की काफी दिलचस्पी रही है। यहां तक बीजेपी ने इसी साल हुए पांच राज्यों में चुनावों में मुद्दा भी बनाया था और ये संयोग ही है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने कानून बनाने के निर्देश दिए हैं तो कानून बनाने का जिम्मा भी केंद्र की सत्ता में काबिज बीजेपी का ही है।

*22 अगस्त, शाम 7 बजे को प्रसारित प्राइम टाइम डिबेट शोजो कहूंगा सच कहूंगा’ का यह एपिसोड हिन्दी ख़बर चैनल के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर भी देख सकते हैं।

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