खुशख़बरी! अब सेकंड हैंड सामान खरीदने पर नहीं लगेगा GST

Edited by: Editor Updated: 16 Jul 2017 | 03:04 PM
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नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी आर्थिक सुधार GST जो 1 जुलाई से लागू हो चुका है। इसको लेकर कई चीजों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सेकंड हैंड सामान खरीदने या बेचने पर GST नहीं लगेगा, बशर्ते इसे खरीद मूल्य से कम कीमत पर बेचा जाए। सरकार को यह स्पष्टीकरण GST की ‘मार्जिन स्कीम’ की वजह से जारी करना पड़ा है। मार्जिन स्कीम को लेकर सेकंड-हैंड सामान के डीलरों, खासतौर पर यूज्ड बोतलों के व्यापारियों में काफी असमंजस था।

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वहीं, केंद्रीय GST कानून के नियम 32(5) के मुताबिक कोई सैकंड-हैंड सामान खरीदने या बेचने वाला कोई डीलर यदि कोई यूज्ड सामान बेचता है तो उस पर GST नहीं लगेगा, लेकिन ऐसा तभी होगा जब जिस दाम पर सामान खरीदा हो उससे कम दाम पर बेचा जा रहा हो, यानी वह सामान नुकसान उठाकर बेचा जा रहा हो। दोबारा बेचे जाने से पहले यह भी देखना होगा कि सामान के मूल रूप में ज्यादा बदलाव न किया गया हो। इस सुविधा को मार्जिन स्कीम कहा गया है।

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GST एक्सपर्ट प्रीतम महुरे ने बताया कि अगर कोई पुराना सामान घाटे में बेचा जा रहा है तो उस पर GST नहीं लगेगा। मार्जिन स्कीम का लाभ सेकंड-हैंड सामान का कोई भी पंजीकृत डीलर ले सकता है। उसे केंद्रीय GST शेष कानून के नियम 32(5) का पालन करना होगा। दो राज्यों के बीच भी सेकंड-हैंड सामान की खरीद-फरोख्त के लिए इस स्कीम का लाभ लिया जा सकेगा। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, ऐसा करने से डबल टैक्सेशन से बचा जा सकेगा।