गोपाष्टमी पर्व: गौ माता की पूजा से पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं

Author: Hindi Khabar
Updated On : 2016-11-08 16:18:59
गोपाष्टमी पर्व: गौ माता की पूजा से पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं

नई दिल्ली। लोगों की आस्था का गोपाष्टमी पर्व बुधवार को मनाया जा रहा है। यह पर्व कार्तिक शुक्ल अष्टमी के दिन मनाया जाता है। मान्यता है कि जब 'गो-गोप-गोपियों' की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपने हाथ की छोटी अंगुली पर छठा लिया था, तब 8वें दिन इन्द्र अहंकार रहित होकर भगवान की शरण में आए थे।

मान्यता है कि इस दिन सुबह गौ माता को स्नान कराकर, जल, रोली, मौली, अक्षत, मिठाई, जलेबी, दाल, घास, वस्त्र और धूप आदि से विधिवत् पूजन किया जाता है। इस दिन गोपालों की पूजा भी की जाती है।

माना जाता है कि गोपाष्टमी के दिन गौ माता को घास देकर, उनकी परिक्रमा करके, कुछ दूर उनके साथ जाने से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। शाम के समय गौ माता के चरणों की धूल मस्तक पर लगाने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

पद्म पुराण के अनुसार गाय के मुख में चारों वेदों का निवास हैं। उसके सींगों में भगवान शंकर और विष्णु सदा विराजमान रहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि गाय के उदर में कार्तिकेय, मस्तक में ब्रह्मा, ललाट में रुद्र, सीगों के अग्र भाग में इन्द्र, दोनों कानों में अश्विनीकुमार, नेत्रों में सूर्य और चंद्र, दांतों में गरुड़, जिह्वा में सरस्वती, रोमकूपों में ऋषि गण, पृष्ठभाग में यमराज, नासिका के अग्रभाग में सर्प, खुरों के पिछले भाग में अप्सराएं स्थित हैं।