गोरखपुर: अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से 30 बच्चों की दर्दनाक मौत

Edited by: Shiwani_Singh Updated: 12 Aug 2017 | 09:07 AM
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गोरखपुर। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर से दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। गोरखपुर का सरकारी अस्पताल बच्चों के लिए कब्रिस्तान बन गया। आरोप है कि अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन को गुरुवार से बंद कर दीए गए और शुक्रवार को सारे सिलेंडर भी खत्म हो गए। अस्पताल की इस लापरवाही ने कई बच्चों को मौत की नींद सुला दिया। एक -एक कर 30 मासूमों ने अस्पताल के अंदर दम तोड़ दिया।

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कहने पर चार कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद, राज बब्बर, संजय सिंह और प्रमोद तिवारी गोरखपुर पहुंच गए हैं। कांग्रेस ने घटना के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। ये राज्य सरकार की नाकामी का नतीजा है। मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। जांच के लिए सांसदों की टीम बने। स्वास्थ्य मंत्री  इस्तीफा सौंपे।

ये घटना गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज की है, जहां मरने वालों में 13 बच्चे एनएनयू वार्ड और 17 इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे। बताया जा रहा है कि 69 लाख रुपए का भुगतान न होने की वजह से ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई गुरुवार की रात से ठप कर दी थी। खबरों के मुताबिक पिछले 5 दिनों में 60 बच्चों की मौत हो चुकी है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की कमी से इंकार किया है।

आपको बता दें कि अस्पताल में लिक्विड ऑक्सीजन तो गुरुवार से ही बंद थी और शुक्रवार को सारे सिलेंडर भी खत्म हो गए। इंसेफेलाइटिस वार्ड में मरीजों ने दो घंटे तक अम्बू बैग का सहारा लिया। हॉस्पिटल मैनेजमेंट की बड़ी लापरवाही के चलते 30 बच्चों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। अस्‍पताल में ऑक्सीज़न सप्‍लाई करने वाली फर्म का 69 लाख रुपये का भुगतान बकाया था।

मामले को तूल पकड़ने के बाद सरकार की ओर से इस मामले पर सफाई आई है। जारी बयान में कहा गया है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी रोगी की मौत नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती 7 मरीजों की विभिन्न चिकित्सीय कारणों से 11 अगस्त को मृत्यु हुई। घटना की मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं डीएम ने 5 सदस्यीय टीम गठिक की जो कि आज अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।