सरकारी बैंक विलय: रघुराम राजन ने रखी राय, कहा- 'पहले बैंकों के NPA का समाधान जरूरी'

Edited by: Shiwani_Singh Updated: 13 Sep 2017 | 12:11 PM
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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने सरकार द्वारा सरकारी बैंकों के विलय करने पर अपनी राय रखी है। उनका कहना है कि सरकारी बैंकों का विलय करने से पहले उनके नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) के मसले का हल निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके बहीखातों को साफ-सुथरा बनाया जाना चाहिए।

राजन ने कहा, मेरा ऐसा खयाल है कि बैंकों का निदेशक मंडल सक्रियता से काम करने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इनमें पेशेवर लोग शामिल हों, ताकि उनकी सेहत को फिर से सुधारा जा सके। उन्हें पेशेवर बनाने और उनमें से राजनीतिक हस्तक्षेप दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।

पूर्व गवर्नर ने आगे कहा कि एक बार हमारे ऐसा कर लेने के बाद बैंकों के विलय के लिए ये एक आदर्श स्थिति होगी। उन्होंने ये भी कहा कि इस संबंध में अनावश्यक रुप से नौकरशाह फैसला नहीं करें, बल्कि इसे बैंकिंग प्रणाली को समझाने वाले लोगों द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, मेरे हिसाब से हमने किसी एक या अन्य कारण की वजह से बैंकों के बहीखातों को साफ-सुथरा बनाने का काम टाल दिया है. जबकि हमें इसे वास्तव में करने की जरूरत है ।

उन्होने कहा, हम इस काम को करने की बेहतर स्थिति में हैं। बैंकों में पूंजी डाली जानी चाहिए क्योंकि यह उनके पुन: पूंजीकरण के लिए जरूरी है। राजन ने कहा कि इन पूंजी को वहां डाला जाना चाहिए जहां इसकी जरूरत है। इन सब चीजों को करने के बाद ही बैंकों के विलय का निर्णय किया जा सकता है।