सरकार ने दिवाली से पहले सर्राफा बाजार को दिया बड़ा तोहफा

Edited by: Web_team Updated: 07 Oct 2017 | 05:53 PM
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नई दिल्ली। भारत सरकार ने सर्राफा बाजार को दिवाली से पहले ही बड़ा तोहफा दे दिया है। इसे प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट से बाहर कर दिया गया है। इससे सर्राफा कारोबारियों के लिए कारोबार करना आसान हो जाएगा।

अब तक ग्राहकों को 50,000 रुपए तक के गहनों की खरीदारी पर पैन कार्ड मुहैया नहीं कराना होता था। यह सीमा बढ़ाकर अब 2 लाख कर दी गई है। यानी ग्राहकों को अब 2 लाख रुपए से ज्यादा की ज्वैलरी खरीदने पर ही पैन कार्ड मुहैया कराना होगा।

अनमोल ज्वैलर्स के इशु दतवानी का कहना है, ''यह बहुत ही बढ़िया कदम है। इस फैसले की टाइमिंग भी बहुत सही है। दिवाली आने वाली है ऐसे में सरकार का यह फैसला कारोबारियों और ग्राहकों दोनों के लिए राहत भरी है।''

अब ग्राहकों को 2 लाख रुपए से ज्यादा के गहने खरीदने पर ही पैन कार्ड मुहैया कराना होगा। इसके साथ ही सरकार ने सर्राफा बाजार के लिए केवाईसी मुहैया कराने की शर्त खत्म कर दी है। केवाईसी के तहत ग्राहकों को फॉर्म भरकर अपनी जानकारी देनी पड़ती थी। कारोबारियों की दलील रही है कि कई ग्राहक अपनी जानकारी नहीं देना चाहते थे, लिहाजा कारोबार करने में मुश्किलें आ रही थीं।

बाजार के जानकारों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से सर्राफा कारोबारियों को काम करने में आसानी होगी। अभी तक कारोबारी इस फिक्र में रहते थे कि सरकार 3 या 4 साल बाद कभी भी ग्राहकों की जानकारी मांग सकती थी। लेकिन अब सरकार ने सर्राफा बाजार को पीएमएलए से बाहर कर दिया है। पीएमएलए से बाहर होने पर सरकार सर्राफा कारोबारियों से किसी तरह की जानकारी नहीं मांगेगी।