Disable ADBlock and Click Here to Reload The Page

हिन्दी ख़बर EXCLUSIVE: साल 2019 में गिर सकती है मोदी सरकार, RSS के अंदरुनी सर्वे में चेतावनी

Edited By: Ankur Maurya
Updated On : 2017-09-21 00:35:24
हिन्दी ख़बर EXCLUSIVE: साल 2019 में गिर सकती है मोदी सरकार, RSS के अंदरुनी सर्वे में चेतावनी
हिन्दी ख़बर EXCLUSIVE: साल 2019 में गिर सकती है मोदी सरकार, RSS के अंदरुनी सर्वे में चेतावनी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के फीडबैक और इंटरनल सर्वे के मुताबिक साल 2019 में नरेन्द्र मोदी की हालत बेहद खस्ता होने वाली है और ऐसा भी हो सकता है मोदी आम चुनाव हार भी जाएं. संघ ने बीजेपी को नरेंद्र मोदी सरकार की घटती लोकप्रियता के प्रति आगाह भी कर दिया है

"हिन्दी ख़बर" के विश्वस्त सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों की रिपोर्ट के अनुसार RSS ने अपने विभिन्न संगठनों से फीडबैक लेने के बाद ये महसूस किया है कि आर्थिक सुस्ती, बड़े पैमाने पर नौकरियां चले जाने और नए रोज़गार ना मिलने, नोटबंदी के फेल हो जाने और ज्यादातर किसानों की बदहाली जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार के खिलाफ माहौल बन रहा है और ये दिनों-दिन तेज़ होता जा रहा है. संघ का मानना है कि आम लोगों में निराशा है ओर भाजपा और नरेंद्र मोदी सरकार का विजय रथ 2019 में रुक भी सकता है।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि संघ से जुड़े कई संगठन नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से खफा हैं। "हिन्दी ख़बर" की खबर को तब और बल मिला जब आरएसएस के एक नेता ने देश के बड़े अंग्रेजी अखबार "द टेलीग्राफ" को बताया कि आम लोगों को उम्मीद थी कि मोदी सरकार के बनने के बाद ढेर सारा कालाधन वापस आएगा और नोटबंदी से भी बहुत सा कालाधन सामने आएगा लेकिन ये सब नहीं हुआ जिसकी वजह से लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

आरएसएस ने मोदी सरकार के वरिष्ठ नेताओं को कहा है कि उसके कार्यकर्ताओं के अनुसार आम लोग मोदी सरकार के बारे में असुविधाजनक सवाल और बहसें कर रहे हैं। आपको बता दें कि आरएसएस से जुड़े भारतीय मजदूर संघ ने 17 नवंबर से दिल्ली में सरकारी की आर्थिक नीतियों के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करने वाली है। साल 2015 में भरतीय मजूदर संघ ऐसा ही प्रदर्शन करने वाली थी लेकिन अंत समय में उसने इसे वापस ले लिया था।

आरएसएस ने मोदी सरकार को चेताया है कि उसे याद रखना चाहिए बीजेपी साल 2004 में अटल बिहारी वाजपेयी की लोकप्रियता के बावजूद लोक सभा चुनाव हार गयी थी। आरएसएस नेताओं ने हाल ही में मथुरा में तीन दिन का समन्वय कार्यक्रम किया था। सूत्रों के मुताबिक ये माना जा रहा है कि इस बैठक में आरएसएस ने जमीनी रिपोर्टों का विश्लेषण किया था। विचारकों का कहना था कि मोदी सरकार के प्रदर्शन से सिर्फ मोदी का नहीं संघ के पूरे आंदोलन का भविष्य जुड़ा है। विचारकों ने कहा कि सिर्फ पानी की तरह पैसा बहाकर चुनाव जीतने का भ्रम मन से बाहर निकाल देना चाहिए। अगर एक बार छवि खराब हुई तो जनता विकल्प न होने के बावजूद कुर्सी से उतार देती है।

(हिन्दी ख़बर चैनल के सूत्रों से प्राप्त सूचनाओ और संकेतों के संपादकीय टीम के द्वारा विश्लेषण पर आधारित)


राष्ट्रीय पर शीर्ष समाचार


x