मैं चाहता तो लाखों आतंकी पैदा कर सकता था: जाकिर नाइक

Edited by: Editor Updated: 28 Nov 2016 | 05:33 PM
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मुंबई। मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाइक ने रविवार को उन दावों का खंडन किया है, जिसमें कहा गया था कि उनके प्रतिबंधित एनजीओ द्वारा फंड का गलत इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, उन्होंने आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा 'यदि मुझे आतंक को बढ़ावा देना होता, तो अब तक लाखों आतंकी पैदा कर देता।'

रिपोर्ट के मुताबिक नाइक ने कहा कि हर धर्म में लाखों समर्थकों में से कुछ समाज विरोधी भी हो सकते है, लेकिन हिसां करने वाले लोग उस संदेश को नहीं अपनाते जो कि उन्होंने दिए हैं। उन्होंने कहा, 'मेरी नजर में यदि कोई हिंसा का रास्ता अपनाता है तो वह मुसलमान कहलाने का हक नहीं रखता है। इस्लाम में हिंसा और आतंक के लिए कोई स्थान नहीं है।

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सूत्रों के मुताबिक नाइक अपने एनजीओ पर बैन के सवाल पर जाकिर ने कहा, 'फाउंडेशन ने फंड के रूप में मिले पैसे का गलत इस्तेमाल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को पिछले 6 साल में करीब 47 करोड़ रुपए का फंड मिला है, जिसका बाकायदा रिटर्न भी भरा गया है। ऐसे में संस्था के ऊपर बैन लगाना किसी तरह से न्यायोचित नहीं है।

गौरतलब है कि नाइक एनजीओ संस्था आईआरएफ पर आरोप है कि उसने विदेशो से मिले चंदे का पॉलिटिकल यूज, धर्मांतरण के लिए इन्सपायर करने और टेरेरिज्म फैलाने के लिए यूज किया गया। मुंबई के चार स्टूडेंट्स जब आईएस में शामिल होने गए थे तब भी यह बात सामने आई थी कि वे जाकिर नाइक को फॉलो करते थे।

वहीं, आरोपों में घिरने के बाद होम मिनिस्ट्री ने आईआरएफ को मिलने वाले चंदे के सोर्स का पता लगाने का ऑर्डर दिया था। केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार ने जाकिर नाइक की स्पीच की सीडी की जांच के ऑर्डर दिए थे। जांच के बाद जाकिर के एनजीओ पर 5 साल का बैन लगा दिया गया था। उसे विदेश से मिलने वाले चंदे पर भी रोक लगा दी गई थी।