मुझे नोटबंदी से होने वाली परेशानियों का अंदाजा था, पर निर्णय जरूरी थाः मोदी

Edited by: Editor Updated: 27 Nov 2016 | 11:25 AM
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नोटबंदी के बाद अपने पहले 'मन की बात' में देशवासियों और सेना का आभार जताते हुए कहा है कि उन्हें देशवासियों और सेना के जवानों का जोश देखने को मिला है। उन्होंने 500 और 1000 रुपए के नोट से पैदा हुई दिक्कतों पर संवदेना दिखाते हुए कहा कि यह समस्या अगले 50 दिनों में खत्म हो जाएगी। यह प्रधानमंत्री के मन की बात का 26वां प्रसारण हैं। 

प्रधानमंत्री ने मन की बात में आगे कहा कि उन्हें नोटबंदी के बाद की परेशानियों का अंदाजा था, लेकिन कालेधन से उपजी 70 से अधिक बीमारियों से निकालना मुश्किल था, इसलिए यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा और बिना कड़े कदम उठाए इससे निपटना मुश्किल था। 

प्रधानमंत्री मोदी ने देश को आगाह करते हुए कहा है कि लोगों को नोटबंदी के बीच असमाजिक तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। मोदी ने अफवाह फैलाने वाले लोगों को आगाह करते हुए कहा कि गरीबों की जिंदगी से मत खेलिए। 

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कालेधन को बचाने में लगे लोगों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जो लोग गैर-कानूनी तरीकों का इस्तेमाल कर पैसे बचाने की कोशिश कर रहें है, वे गरीबों के खाते में अपने कालेधन जमा करवा रहें हैं, जिससे बेचारे गरीब फंसेंगे। 

प्रधानमंत्री ने देश में कैशलेस सोसाइटी के बढ़ावे पर जोर देते हुए कहा कि उनका मकसद है कि हमारा देश एक कैशलेस सोसाइटी की तरफ विकसित हो, जिसमें देश के नौजवान बेहतर योगदान दे रहें हैं। उन्होंने देश के युवाओं से कैशलेस सोसाइटी विकसित करने में मदद करने की अपील भी की।

हालांकि उन्होंने कहा कि 100 फीसदी कैशलेस सोसाइटी विकसित करना आसान नहीं है, लेकिन ज्यादा से ज्यादा लोग मोबाइल एप और तकनीकी का उपयोग करके कैशलेस सोसाइटी की ओर बढ़ सकते हैं।