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Oh NO! विप्रो ने 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

Edited By: Hindi Khabar
Updated On : 2017-04-21 00:52:09
Oh NO!  विप्रो ने 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
Oh NO! विप्रो ने 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

नई दिल्ली। सॉफ्टवेयर बनाने वाली देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो ने 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। जबकि, उन्हें इस बारे में इससे पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, विप्रो ने करीब 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। हालांकि, कुछ चर्चाओं में यह संख्या 2,000 तक बताई जा रही है। दिसंबर 2016 के अंत तक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1.76 लाख से अधिक थी।

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वहीं, विप्रो ने कहा कि कंपनी अपने कारोबार के लक्ष्यों को पाने के लिए अपने वर्करों के कामकाज का नियमित आधार पर मूल्यांकन करती रहती है। यह कंपनी की रणनीति, प्राथमिकताओं और ग्राहक की जरूरत के अनुसार किया जाता है।

इस मूल्यांकन के बाद कुछ कर्मचारियों को नौकरी छोड़नी पड़ती है, जिनकी संख्या हर साल बदलती रहती है। कंपनी की चौथे क्वॉर्टर की रिपोर्ट और पूरे साल के आंकड़े 25 अप्रैल को आएंगे।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे कई देशों के वीजा नियमों को लेकर भारतीय आईटी कंपनियों में माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं है। ये कंपनियां कर्मचारियों को क्लाइंट की साइट पर भेजने के लिए अस्थायी वर्क वीजा का इस्तेमाल करती हैं।

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भारतीय आईटी कंपनियां 60% से ज्यादा राजस्व उत्तरी अमेरिका के बाजारों से, जबकि 20% यूरोप से और बाकी अन्य जगहों से जुटाती हैं। ऐसे में इन देशों में वीजा नीति पहले से ज्यादा सख्त हो गई है, जिसके चलते आईटी कंपनियां चुनौती महसूस कर रही हैं।

 


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