अखिलेश के दोबारा CM बनते ही बिहार में थी नीतीश की तख्तापलट की तैयारी!

Edited by: Ankur_maurya Updated: 17 Mar 2017 | 03:20 PM
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नई दिल्ली। बिहार के डिप्टी सीएम लालू प्रसाद यादव के बेट तेजस्वी यादव को उप मुख्यमंत्री नहीं बल्की उनकी तैयारी तो बिहार के मुख्यमंत्री बनने की हो रही थी। एक निजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक लालू यादव अपने पुत्र तेजस्वी को सीएम की कुर्सी पर बिठाने के लिए गुपचुप तैयारी कर रहे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी रणनीति के तहत राबड़ी देवी सहित आरजेडी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने यह कहना भी शुरू कर दिया था कि बिहार की जनता तेजस्वी को सीएम की कुर्सी पर देखना चाहती है। खबरों में कहा गया है कि लालू ने लगभग मन बना लिया था कि यूपी में अखिलेश के सीएम बनने के एक महीने के अंदर ही वह अपनी पार्टी का सपा में विलय करवा देंगे और फिर कांग्रेस की मदद से अपने बेटे तेजस्वी को बिहार में सीएम की गद्दी पर बिठवा देंगे।

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बिहार में इस कथित 'तख्तापलट' की तैयारियों का संकेत यूपी के सीएम अखिलेश यादव के एक इंटरव्यू से भी मिलता है, जिसमें उन्होंने कहा था, 'मेरी दिल की आवाज है कि यूपी में मेरे नेतृत्व में दुबारा सरकार बनेगी। तब तक 2019 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर मैं आगे बढ़ूंगा। कांग्रेस तो साथ है ही, फिर लालू प्रसाद यादव और ममता बनर्जी के साथ मिलकर तैयारी करूंगा।'

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आपको बता दें कि बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में आरजेडी के 80 और कांग्रेस के 27 विधायक हैं। ऐसे में बहुमत के लिए उन्हें 15 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत होती, लेकिन राजनीति के माहिर लालू के लिए यह कोई मुश्किल काम प्रतीत नहीं होता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, नीतीश कुमार को हालांकि इस चक्रव्यूह की भनक पहले ही लग गई थी और इसी वजह से उन्होंने यूपी चुनाव से दूर रहने का ही निर्णय लिया। कहा जाता है कि नीतीश के कदम से कुर्मी की अच्छी खासी आबादी वाले पूर्वांचल में बीजेपी को फायदा मिला है।