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अगर दे देते फांसी तो नहीं होती मैच फिक्सिंग: अब्दुल कादिर

Edited By: Ankur Maurya
Updated On : 2017-03-20 05:35:30
अगर दे देते फांसी तो नहीं होती मैच फिक्सिंग: अब्दुल कादिर
अगर दे देते फांसी तो नहीं होती मैच फिक्सिंग: अब्दुल कादिर

कराची। मैच फिकिसंग के मामले पाकिस्तान का पूराना नाता रहा है। वहीं पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी वसीम अकरम, वकार युनिस, इंजमाम उल हक और मुश्ताक अहमद पर पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर अब्दुल कादिर ने एक ऐसा बयान दिया जिसने पाकिस्तान क्रिकेट में सनसनी मचा दी है।

कादिर ने कहा है कि इन खिलाडिय़ों की वजह से 90 के दशक के अंतिम सालों में पाकिस्तान क्रिकेट में मैच फिक्सिंग ने दस्तक दी थी'। कादिर ने कहा कि अगर उसी समय इन दोषियों को फांसी पर लटका दिया गया होता, तो मैच फिक्सिंग की जड़ें वहीं खत्म हो जातीं। उन्होंने पीसीबी को कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि मैच फिक्सिंग मामले पर आई जस्टिस मलिक मुहम्मद खय्याम की रिपोर्ट को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया है।

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उन्होंने पूछा कि वसीम, वकार, इंजमाम और मुश्ताक समेत पीसीबी से जुड़े इन लोगों ने जस्टिस खय्याम की सिफारिशों को लागू क्यों नहीं करते। अब्दुल कादिर पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में स्पॉट फिक्सिंग में फंस रहे क्रिकेटर्स से जुड़े सवाल पर जवाब दे रहे थे।

हाल ही में दुबई और पाकिस्तान में खेली गई पीएसएल लीग में पाकिस्तान के खालिद लतीफ, शारजील खान, मोहम्मद इरफान, नासिर जमशेद और शाहजैब हसन समेत 5 क्रिकेटर्स स्पॉट फिक्सिंग में सस्पेंड हो चुके हैं। पीएसएल पाकिस्तान की घरेलू लीग है और इस लीग के दौरान यहां कई क्रिकेटर्स स्पॉट फिक्सिंग के मामले में फंसे हैं।


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